मतदाता फॉर्म में विसंगतियों की जांच के निर्देश, परिवार के सदस्यों की सुनवाई एक साथ होगी
रांची, 22 अगस्त (हि.स.)। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने धनबाद, जामताड़ा और पाकुड़ के विभिन्न मतदान केंद्रों के भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ जमा की गयी दस्तावेजों में मिली विसंगतियों की गहन जांच के निर्देश ईआरओ/एईआरओ को दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले का नियमानुसार निष्पक्षता से निष्पादन किया जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक माता-पिता और उनके बेटे-बेटी से जुड़े मामलों की सुनवाई यथासंभव एक साथ की जाए। इससे आयु, पारिवारिक संबंध, नागरिकता और दस्तावेजों का समग्र मिलान किया जा सकेगा। किसी एक सदस्य की उम्र या दस्तावेज में विसंगति मिलने पर आवश्यकता के अनुसार परिवार के अन्य सदस्यों के विवरण की भी जांच की जाएगी।
निरीक्षण में कुछ मामलों में वैध दस्तावेजों में दर्ज जन्मतिथि और इन्यूमरेशन फॉर्म में दर्ज जन्मतिथि अलग मिली। कुछ बूथों पर भाई-बहन की जन्मतिथि में नौ माह से कम का अंतर भी सामने आया। उन्होंने कहा कि ऐसी तार्किक विसंगतियों की विस्तृत जांच आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उम्र में बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है। मतदाताओं से अपील की गई कि सुनवाई के दौरान सही तथ्य और प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गलत पारिवारिक मैपिंग के मामलों में वास्तविक संबंधों की जांच कर सही मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिक भारतीय नागरिकता प्राप्त करने और अन्य वैधानिक अर्हताएं पूरी करने के बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। गलत जानकारी देकर पंजीकरण कराने पर कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

