home page

त्वचा के संपर्क से फैलता है एचपीवी वायरस, वैक्सीनेशन ही सर्वाइकल कैंसर का इलाज

 | 
त्वचा के संपर्क से फैलता है एचपीवी वायरस, वैक्सीनेशन ही सर्वाइकल कैंसर का इलाज


त्वचा के संपर्क से फैलता है एचपीवी वायरस, वैक्सीनेशन ही सर्वाइकल कैंसर का इलाज


रामगढ़, 17 जनवरी (हि.स.)। रामगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन पर आधारित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को एचपीवी संक्रमण से होने वाले सर्वाइकल कैंसर तथा वैक्सीनेशन की महत्व के बारे में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। इस दौरान डॉ. मयंक ने एचपीवी वायरस के प्रकार, इसके प्रसार के तरीके, लक्षण, रोकथाम और वैक्सीनेशन के लाभों को विस्तार से बताया। साथ ही, प्रतिभागियों को वैक्सीन के सुरक्षित उपयोग, डोज शेड्यूल, लक्षित आयु वर्ग, और संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।

डॉ. मृत्युजंय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का एक प्रभावी साधन है। यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और ये लाखों लोगों को दी जा चुकी है। इस वैक्सीन को 9 से 14 वर्ष की आयु में दिया जाना चाहिए। क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अच्छी प्रतिक्रिया देती है। आज के समय में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) एक गंभीर चिंता का विषय है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में यह दूसरा सबसे आम कैंसर है। एचपीवी वैक्सीन के जरिए इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।

एचपीवी एक आम वायरस है जो त्वचा के संपर्क के जरिए फैलता है। इसकी कई किस्में होती हैं। कुछ किस्में सामान्य मस्सों का कारण बनती हैं, जबकि कुछ हाई रिस्क किस्में सर्वाइकल, एनल और गले के कैंसर का कारण बन सकती हैं। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर पैदा करने वाले प्रमुख स्ट्रेन्स से सुरक्षा प्रदान करती है। उक्त प्रशिक्षण में डॉ० मृत्युजंय कुमार सिंह, डॉ० उदय श्रीवास्तव, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सभी सदस्य, प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, प्रखण्ड डाटा प्रबंधक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश