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सावन की पहली सोमवारी को लेकर रांची में हाई अलर्ट, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद

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सावन की पहली सोमवारी को लेकर रांची में हाई अलर्ट, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था चाक-चौबंद


रांची, 01 अगस्त (हि.स.)। सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर राजधानी रांची में लाखों श्रद्धालुओं के पहाड़ी मंदिर और अन्य प्रमुख शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारी की है। विशेष रूप से कांवर पथ और प्रमुख मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने शनिवार को बताया कि शहर में करीब 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) से लेकर थाना प्रभारियों तक सभी अधिकारी सुबह से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पहाड़ी मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा चुकी है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

एसएसपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन को मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्रावण मास की पहली सोमवारी पर बड़ी संख्या में कांवरियों के नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर पहाड़ी मंदिर पहुंचने की परंपरा को देखते हुए पूरे कांवर मार्ग पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थानों और मंदिर परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। बाइक पेट्रोलिंग टीमों को लगातार गश्त करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इसके लिए अलग से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि पहली सोमवारी होने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ उमड़ेगी। ऐसे में मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

भीड़ का फायदा उठाकर सक्रिय होने वाले पॉकेटमारों, चेन स्नैचरों और मोबाइल चोरों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है। प्रमुख मंदिरों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे लिबास में तैनात किया जाएगा, जो भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे जलाभिषेक के दौरान भारी आभूषण पहनकर न आएं तथा मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान साथ लाने से यथासंभव बचें।

श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पहाड़ी मंदिर के आसपास विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। रविवार रात 12 बजे के बाद हरमू रोड और रातू रोड से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हरमू रोड के एक हिस्से तथा रातू रोड पर मीनाक्षी सिनेमा गली से आगे तक यातायात व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया जाएगा। भीड़ कम होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। यातायात प्रबंधन के लिए करीब 20 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।

उधर, सावन की पहली सोमवारी पर राज्यभर के प्रमुख शिवालयों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे