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जमीन और क्वार्टर बेचकर नहीं, उत्पादन बढ़ाने से सुधरेगी एचईसी की आर्थिक स्थिति : लीलाधर सिंह

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जमीन और क्वार्टर बेचकर नहीं, उत्पादन बढ़ाने से सुधरेगी एचईसी की आर्थिक स्थिति : लीलाधर सिंह


- केंद्र सरकार से कार्यशील पूंजी और बैंक गारंटी उपलब्ध कराने की मांग- छठ महापर्व से पहले कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान करने पर जोर

रांची, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री एवं इंटक के राष्ट्रीय संगठन सचिव लीलाधर सिंह ने कहा कि हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) जैसे ऐतिहासिक सार्वजनिक उपक्रम को जमीन और क्वार्टर बेचकर लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता। इसकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उत्पादन और उत्पादों की बिक्री बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से एचईसी के सुचारु संचालन के लिए कार्यशील पूंजी और बैंक गारंटी की व्यवस्था करने की मांग की है।

लीलाधर सिंह ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एचईसी की आर्थिक स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। कार्यशील पूंजी की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रबंधन से हर हाल में छठ महापर्व से पहले कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि एचईसी की जमीन और आवासीय क्वार्टर बेचकर न तो उद्योग का स्थायी संचालन संभव है और न ही कर्मचारियों को नियमित वेतन दिया जा सकता है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने, नए कार्यादेश प्राप्त करने और तैयार उत्पादों की बिक्री पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

लीलाधर सिंह ने कहा कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना और संचालन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ऐसे उद्योग देश के औद्योगिक विकास में योगदान देने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं। आर्थिक संकट के समय औद्योगिक संपत्तियों की बिक्री करने के बजाय उत्पादन क्षमता और कारोबार बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

एचईसी के डिस्पैच में आई गिरावट पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष सितंबर में करीब 12 करोड़ रुपये का डिस्पैच हुआ था, जबकि अक्टूबर में अब तक मात्र 70 लाख रुपये का डिस्पैच हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पादन और बिक्री बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के साथ कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar