सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह आयोजित
गुमला, 29 अप्रैल (हि.स.)। विद्या भारती योजना के तहत गुमला के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बुधवार को दादा-दादी और नाना-नानी सम्मान समारोह का भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को पारिवारिक संस्कारों और भारतीय मूल्यों से जोड़ना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधन समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी तथा मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह और मीना देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इसके बाद वाटिका वर्ग के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब बच्चों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी को तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर तथा चरण वंदन कर उनका सम्मान किया। अपने नन्हे पोते-पोतियों के स्नेह और सम्मान से बुजुर्ग भावुक हो उठे।
प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में बुजुर्ग हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं और वे नई पीढ़ी तक संस्कार पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं।
विजय बहादुर सिंह ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बुजुर्ग अक्सर उपेक्षित महसूस करते हैं। ऐसे कार्यक्रम उन्हें परिवार से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं।
मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अनूठा और अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हर विद्यालय में होने चाहिए, ताकि पारिवारिक संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।
कार्यक्रम का मंच संचालन उमा कुमारी ने किया, जबकि अतिथि परिचय विकास कुमार ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में आचार्य अर्चना मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

