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झारखंड में संभावित सूखे को लेकर मंत्री ने किया विभाग को अलर्ट, मांगी रिर्पोट

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झारखंड में संभावित सूखे को लेकर मंत्री ने किया विभाग को अलर्ट, मांगी रिर्पोट


रांची, 30 अप्रैल (हि.स.)। राज्य में संभावित कम वर्षा और सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभागीय उच्चस्तरीय बैठक कर पदाधिकारियों से जिला स्तरीय आकस्मिक योजना बनाकर 12 मई 2026 तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ताकि खरीफ मौसम से पहले प्रभावी रणनीति लागू की जा सके। इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को समय पर जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन, अनुदान और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए आकस्मिक निधि की प्रभावी व्यवस्था की जाए।

मंत्री ने कहा कि संभावित संकट केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में इसका असर पड़ सकता है। लेकिन किसी भी परिस्थिति में किसानों को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार ने खेती में विविधीकरण पर विशेष जोर दिया है। किसानों को केवल धान पर निर्भर नहीं रहने की सलाह देते हुए ऊंची भूमि क्षेत्रों में मड़ुआ, उड़द, मूंग और सोयाबीन जैसी कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। भूमि की प्रकृति के अनुसार धान की उपयुक्त किस्मों के चयन पर भी बल दिया गया।

बैठक में बताया गया कि विभिन्न मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में औसत वर्षा में 30 से 35 प्रतिशत तक कमी की आशंका है। इसे देखते हुए सरकार ने किसानों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

इस दौरान बागवानी, चारा उत्पादन, बहुउद्देश्यीय खेती, मेड़ों पर सब्जी उत्पादन, अरहर खेती और मिश्रित खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि किसानों की आय के अलग-अलग स्रोत विकसित हो सकें। पशुपालन को आय का मजबूत आधार बनाने पर भी सरकार ने जोर दिया है।

जल संरक्षण के लिए चेक डैम निर्माण, जलाशयों में पानी संग्रह, ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।

बैठक में विभागीय सचिव अबु बकर सिदि्की, विशेष सचिव गोपाल तिवारी, बिरसा एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एससी दूबे सहित वरीय अधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar