पारंपरिक ग्राम सभा की मजबूती के लिए सरकार कृतसंकल्पित : दीपिका
रांची, 15 मई (हि.स.)। ग्रामीण विकास और पंचायती राज के मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पारंपरिक ग्राम सभा की अधिकार को लेकर हेमंत सरकार कृतसंकल्पित है। सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं, अधिकारों और स्वशासन की भावना के सम्मान के साथ पेसा नियमावली को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
इसे लेकर विभाग को निर्देश दिए गए हैं। मंत्री दीपिका शुक्रवार को पेसा नियमावली के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर माझी परगना महल, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के प्रतिनिधिमंडल से अपने आवास में हुई मुलाकात के दौरान बोल रही थी। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली 2025 के लागू होने पर मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पेसा नियमावली के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि पेसा नियमावली का उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को न सिर्फ़ सशक्त बनाना है, बल्कि जनजातीय समुदाय को उनके अधिकारों, परंपराओं और स्वशासन की भावना के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।
मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से आग्रह किया कि ग्राम सभा के गठन, सत्यापन, सीमांकन और प्रकाशन की प्रक्रिया में पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधियों परगना बाबा, मानकी बाबा, हातु मुंडा एवं माझी बाबाओं की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता में रखा जाए। ताकि प्रक्रिया पारदर्शी एवं जनविश्वास के अनुरूप हो। इसके साथ ही पारंपरिक ग्राम सभा की अध्यक्षता पेसा नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप अनुसूचित जनजाति समुदाय के योग्य व्यक्ति की ओर से करने पर जोर दिया। स्थानीय भाषा में प्रशिक्षण देकर पारंपरिक नेतृत्व को ग्राम सभा संचालन के लिए सक्षम बनाने की बातें कही गई।
मंत्री ने कहा कि ग्राम सभा और समाज के स्तर पर नियमावली को लेकर दिए जा रहे तमाम सुझाव का विभाग स्वागत करती है। स्वशासन व्यवस्था को मजबूती से लागू करने के लिए सभी तर्कपूर्ण सुझाव को विभाग विचार करने के लिए तैयार है। क्योंकि ग्राम सभा की ताकत को हर एक ग्रामीण जनता को बताना और उसका लाभ दिलाना प्राथमिकताएं हैं।
प्रतिनिधिमंडल में दुर्गा चरण मुर्मू, नवीन मुर्मू, शत्रुघ्न मुर्मू , लखन मुर्डी, दुर्गा चरण हेम्ब्रम, बबलू मुर्मू, जीतू मुर्मू सहित अन्य शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

