नगर निकाय में गठबंधन धर्म से विपरीत जाना आजसू और भाजपा को पड़ा भारी
रामगढ़, 28 फ़रवरी (हि.स.)। रामगढ़ नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हुआ, लेकिन सभी राजनीतिक दल अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को अपना समर्थन देते नजर आए।
लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में भाजपा और आजसू का गठबंधन हमेशा बेहतर परिणाम लाया है। नगर निकाय चुनाव में दोनों राजनीतिक पार्टियों ने अलग-अलग उम्मीदवारों को अध्यक्ष पद के लिए अपना समर्थन दिया। दोनों दल के नेताओं ने जब अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार किया, तो उसका असर नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम पर पड़ा। कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को कुल 17605 वोट मिले हैं, लेकिन अगर भाजपा समर्थित उम्मीदवार और आजसू समर्थित उम्मीदवार को मिले वोट को जोड़कर देखें, तो यह मतदान 20000 का आंकड़ा पार कर जाएगा। यदि दोनों राजनीतिक दल एक ही उम्मीदवार को अपना समर्थन देते, तो आज अध्यक्ष पद उनके गठबंधन के खाते में जाता।
भाजपा समर्थित उम्मीदवार को 11,113 वोट मिले, जबकि आजसू समर्थित उम्मीदवार को 9401 वोट मिले हैं। चुनाव परिणाम के बाद रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि जब भी भाजपा और आजसू एक मंच पर आकर चुनाव लड़े हैं, तो उसका परिणाम बेहतर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

