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राज्यपाल को सरयू राय ने झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक “ का सौंपा प्रारूप

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राज्यपाल को सरयू राय ने झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक “ का सौंपा प्रारूप


रांची, 21 जनवरी (हि.स.)। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय विधानसभा के आगामी बजट सत्र–2026 में एक गैर-सरकारी विधेयक के रूप में “झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक” प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह विधेयक धन विधेयक के रूप में लाया जाएगा।

सरयू राय ने बुधवार को बताया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी भी धन विधेयक को विधानसभा में पेश करने से पहले राज्यपाल की अनुमति आवश्यक होती है। इसी क्रम में उन्होंने बुधवार को विधेयक का प्रारूप झारखंड के राज्यपाल को सौंपते हुए इसे विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति देने का अनुरोध किया।

सरयू राय के अनुसार, राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वे इस विधेयक के प्रारूप को अनुशंसा के साथ राज्य सरकार को अग्रसारित करेंगे। राज्य सरकार और विधानसभा की ओर से उचित माध्यम से संचिका उनके पास आने पर वे इसे शीघ्र प्रस्तुत करने की मंज़ूरी प्रदान कर देंगे।

सरयू राय ने इससे पूर्व मंगलवार को इस विधेयक का प्रारूप विधानसभा अध्यक्ष को भी सौंप दिया था और उन्हें आगामी बजट सत्र–2026 के दौरान इसे गैर-सरकारी विधेयक के रूप में सदन के समक्ष प्रस्तुत करने की सूचना दी थी।

सरयू राय ने बताया कि झारखंड के राजमहल की पहाड़ियों, विशेषकर साहेबगंज और पाकुड़ जिलों में बड़ी संख्या में काष्ठ जीवाश्म (फॉसिल) खुले में बिखरे हुए हैं। खनन और अन्य मानवीय गतिविधियों के कारण ये बहुमूल्य जीवाश्म तेजी से नष्ट हो रहे हैं, जबकि ये राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण भू-विरासत हैं।

उन्होंने कहा कि इन जीवाश्मों के संरक्षण, संरक्षण-प्रबंधन और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस विधेयक के माध्यम से अधिनियम और नियमावली बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि झारखंड की भू-विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे