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(संशोधित) रामगढ़ में जिला स्तरीय एफएलएन प्रदर्शनी मेला,मनुवा मांडू विद्यालय प्रथम स्थान पर

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(संशोधित) रामगढ़ में जिला स्तरीय एफएलएन प्रदर्शनी मेला,मनुवा मांडू विद्यालय प्रथम स्थान पर


(संशोधित) रामगढ़ में जिला स्तरीय एफएलएन प्रदर्शनी मेला,मनुवा मांडू विद्यालय प्रथम स्थान पर


(संशोधित) रामगढ़ में जिला स्तरीय एफएलएन प्रदर्शनी मेला,मनुवा मांडू विद्यालय प्रथम स्थान पर


नोट: यह खबर डेटलाइन में संशोधन के साथ पुनः जारी की गई है।

रामगढ़, 18 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट गांधी मेमोरियल प्लस टू उच्च विद्यालय के सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय एफएलएन (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान) प्रदर्शनी मेला का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधीक्षक संजीत कुमार, विशिष्ट अतिथि पीएमश्री विद्यालय के राज्य प्रभारी शशि सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नलिनी रंजन, उपेंद्र कुमार तथा विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार अनल ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर किया गया।

इस प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न पीएमश्री विद्यालयों ने भाग लिया, जिनमें उत्क्रमित उच्च विद्यालय रजरप्पा प्रोजेक्ट चितरपुर, बरियातू गोला, कूल्ही दुलमी, मनुवा मांडू, तापीन मांडू, मध्य विद्यालय मंझिला टोला रामगढ़, कोईरीटोला रामगढ़ और पाली पतरातु शामिल रहे।

मेले में विद्यार्थियों ने शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से आकर्षक और शैक्षणिक मॉडल प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पीएमश्री उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय मनुवा मांडू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं रजरप्पा प्रोजेक्ट चितरपुर विद्यालय को द्वितीय और बरियातू विद्यालय को तृतीय स्थान मिला। विजेता विद्यालयों को मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्षों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक संजीत कुमार ने सभी मॉडलों का निरीक्षण करते हुए कहा कि टीएलएम आधारित शिक्षण से बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान विकसित होता है और वे अपने आसपास उपलब्ध संसाधनों से सीखने की क्षमता विकसित करते हैं। इससे कठिन विषय भी सरलता से समझ में आते हैं।

राज्य प्रभारी शशि सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में नवाचार की भावना को बढ़ावा देते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नलिनी रंजन ने कहा कि ऐसे रचनात्मक कार्यों में भाग लेने वाले बच्चे भविष्य में वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

प्रदर्शनी मेला बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण बना तथा उपस्थित सभी लोगों ने इसकी सराहना की।--------------

हिन्दुस्थान समाचार