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झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल शुरू, देशभर के 84 में से 67 फिल्मों का स्क्रीनिंग के लिए चयन

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झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल शुरू, देशभर के 84 में से 67 फिल्मों का स्क्रीनिंग के लिए चयन


झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल शुरू, देशभर के 84 में से 67 फिल्मों का स्क्रीनिंग के लिए चयन


रांची, 26 जून (हि.स.)।

रांची स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी (एसयूबी) में चित्रपट झारखंड के तत्वावधान में आयोजित झारखंड फ़िल्म फेस्टिवल 2026 का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो (डॉ) गोपाल पाठक, डायरेक्टर जनरल और विशिष्ट अतिथि एवं कुलपति प्रो. (डॉ) जेगनाथन चोकलींगम ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर फेस्टिवल की स्मारिका चित्रपटल का भी लोकार्पण किया गया।

फेस्टिवल के लिए देशभर से 84 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 67 फिल्मों का चयन स्क्रीनिंग के लिए किया गया है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें झारखंड की संस्कृति, प्रकृति और स्थानीय प्रतिभाओं की झलक देखने को मिलेगी।

मुख्य अतिथि प्रो (डॉ) गोपाल पाठक ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने दादा साहब फाल्के के दौर से लेकर आज के एआई युग तक लंबी यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य और प्रतिभा से समृद्ध राज्य है और यहां फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने चुटुपालू घाटी, जोन्हा फॉल, दशम फॉल और पत्रातु डैम जैसे स्थलों को उत्कृष्ट फिल्म शूटिंग लोकेशन बताते हुए कहा कि इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।

उन्होंने सरला बिरला यूनिवर्सिटी में फिल्म मेकिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे युवाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलेगा और झारखंड का उभरता फिल्म उद्योग जॉलीवुड नई पहचान बनाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया ।

विशिष्ठ अतिथि कुलपति प्रो (डॉ) जगनाथन चोकलींगम ने कहा नई सोच और युवा प्रतिभाएं झारखंड सिनेमा की तस्वीर कि बदल सकती है, किसी भी फिल्म उद्योग की सफलता नई सोच, रचनात्मकता और तकनीक के समन्वय से संभव होती है। उन्होंने तमिल सिनेमा में भारतीराजा, इलैयाराजा, मणिरत्नम और एआर रहमान जैसे रचनाकारों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड के युवा भी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

उन्होंने बताया कि सरला बिरला यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशन विभाग में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मीडिया लैब विकसित की जा रही है। साथ ही भविष्य में फिल्म मेकिंग, ड्रामा एवं क्रिएटिव आर्ट्स से संबंधित डिग्री पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय झारखंड के फिल्म एवं रचनात्मक उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह, सचिव सुमित मित्तल, सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार, जूरी मेम्बर डॉ देव व्रत सिंह ,विभागाध्यक्ष मास कॉम, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य आशुतोष द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों, प्रतिभागी, फिल्मकार और कला-संस्कृति से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे