एकम डायलॉग्स में समावेशी विकास और जलवायु समाधान पर मंथन
रांची, 08 अप्रैल (हि.स.)।
सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की ओर से एकम डायलॉग्स, संवाद से निर्माण विषय का रांची में बुधवार को दाे दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के पहले दिन खास ताैर पर एकम डायलॉग्स में समावेशी विकास व जलवायु समाधान पर मंथन किया गया।
इस अवसर पर सीईईडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमापति कुमार ने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूर्वी और मध्य भारत में समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास की रूपरेखा तैयार करना और क्षेत्रीय रेसिलिएंस को मजबूत करना है। यह पहल सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए संवाद, सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देती है। उन्होंने इसे विचारों को क्रियान्वयन में बदलने का मंच बताया।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, ग्रासरूट चेंजमेकर्स, उद्योग-व्यापार जगत, सामाजिक उद्यमी, विशेषज्ञ और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
पहले दिन संवाद सत्रों के साथ एकम सम्मान के तहत झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा के 27 चेंजमेकर्स को जलवायु अनुकूलन और सामुदायिक नवाचार में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मौके पर एके रस्तोगी, रवि रंजन और डॉ एटी मिश्रा सहित विशेषज्ञों ने सामुदायिक भागीदारी, स्थानीय ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जलवायु अनुकूलन का आधार बताया। जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रसिद्ध राजेंद्र सिंह ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में समुदाय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। ओडिशा के जगदानंद और एमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रो पीयूषकांत पांडे ने सतत विकास के लिए सामुदायिक नेतृत्व, अनुसंधान और नवाचार पर जोर दिया।
इस आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी, 70 से अधिक विशेषज्ञ और 11 तकनीकी सत्र शामिल हैं, जबकि 11 पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

