सुदूरवर्ती इलाकों में एकल विद्यालय जगा रहा शिक्षा का अलख : राज्यपाल
रामगढ़, 14 अक्टूबर (हि.स.)। एकल विद्यालय की परिकल्पना मात्र से ही यह साबित होता है कि एक बच्चे के लिए भी विद्यालय चल सकता है। ऐसे कई गांव भारत देश में है, जहां बच्चे कम हैं। जिसकी वजह से सरकारी स्कूल वहां नहीं खुले। लेकिन उनकी शिक्षा के लिए एकल विद्यालय ने अपना दायित्व निभाया। यह बातें रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर राजाबेड़ा गांव में एकल विद्यालय दर्शन'' कार्यक्रम के दौरान झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कही।
उन्होंने एकल विद्यालय से जुडे लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे लेह और लद्दाख भी गए हैं, जहां एकल विद्यालय वहां के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करा रही है। वैसे ही भारत देश में कई ऐसे स्थान हैं, जहां बच्चों की संख्या कम है। वहां एकल विद्यालय काम कर रहा है। खासकर भारत देश के सीमावर्ती इलाकों में जहां सरकारी विद्यालयों का संचालन नहीं हो पाता है, वहां एकल विद्यालय ही शिक्षा का अलख जगाता है।
राज्यपाल संतोष गंगवार कार्यक्रम के दौरान एकल विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों से मिले और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान एकल अभियान से जुड़े बच्चों ने सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, बच्चों ने उल्टी गिनती और पहाड़े सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

