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झारखंड में वेतन मद से फर्जी निकासी के मामले में ईडी ने दर्ज की ईसीआईआर

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झारखंड में वेतन मद से फर्जी निकासी के मामले में ईडी ने दर्ज की ईसीआईआर


रांची, 14 मई (हि.स.)। झारखंड में वेतन मद में ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) ने ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज कर ली है। इस ईसीआईआर में रांची, हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी को शामिल किया गया है। इससे वेतन मद मे फर्जी निकासी करने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेवार और गलत तरीके से पैसा निकालने के बाद वापस लौटाने वाले अधिकारियों (डीएसपी रैंक के कुछ अफसर) की परेशानियां बढ़ सकती है। पुलिस और एसआईटी की ओर से मामले की जांच के दौरान अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि प्रधान महालेखाकार (अकाउंटस) चंद्र मौली सिंह ने ट्रेजरी की जांच के दौरान पुलिस महकमे द्वारा वेतन मद में फर्जी निकासी करने की सूचना वित्त विभाग को भेजी थी। पहले भेजी गयी सूचना में सिर्फ बोकारो और हजारीबग ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी की सूचना दी गयी थी।

इस सूचना के बाद राज्य सरकार ने जिला स्तर पर वेतन मद में की गयी निकासी की जांच का आदेश दिया। साथ ही उच्च स्तरीय जांच के लिए उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। उच्चस्तरीय समिति की ओर से फिलहाल बोकारो ट्रेजरी से लिये गये दस्तावेज़ की जांच पड़ताल की जा रही है। सरकार ने उच्चस्तरीय समिति को सिर्फ दो ही जिले से हुई निकासी की जांच का आदेश दिया है। इस बीच प्रधान महालेखाकार ने सरकार को दूसरा पत्र भेज कर राज्य के कुल 12 ट्रेजरी से वेतन मद में हुई निकासी की सूचना दी है। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में भी फर्जी निकासी की आशंका जतायी है। इस सूचना के आधार पर वित्त विभाग ने संबंधित जिलों को जांच करने का आदेश दिया है।

सरकार के आदेश पर वेतन मद में ट्रेजरी से हुई फर्जी निकासी के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एक एसआईटी का भी गठन किया है। जिला प्रशासन की ओर से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रांची में दर्ज प्राथमिकी के आलोक में पशुपालन विभाग के लेखपाल मुनिंद्र कुमार और उसके करीबी संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

मुनिंद्र कुमार ने अपने वेतन की फर्जी निकारी मूल वेतन 20-20 लाख रुपये के मूल वेतन के आधार पर भी की है। हजारीबाग में वेतन मद से फर्जी निकासी के मामले में सौरभ सिंह, रजनीश कुमार सिंह, शंभु कुमार, काजल कुमारी, खुशबू सिंह और धीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। बोकारो ट्रेजरी से वेतन मद में फर्जी निकासी के मामले में कौशल पांडेय, सतीश कुमार सिंह और काजल मंडल को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा देवघर ट्रेजरी से स्वास्थ्य कर्मियों के नाम पर फर्जी निकासी के मामले में सबिता कुमारी को गिरफ्तार किया गया जा चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे