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मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दे निर्वाचन आयोग : के. राजू

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मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दे निर्वाचन आयोग : के. राजू


रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की अंतिम तिथि कम से कम 15 दिन बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने की आशंका को देखते हुए निर्वाचन आयोग को समय-सीमा में विस्तार करना चाहिए।

सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में के. राजू ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों ने इस संबंध में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं, बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) और जमीनी स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक से संकेत मिलता है कि राज्यभर में लॉजिस्टिक, तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के मतदाता सूची से बाहर रह जाने की आशंका है।

के. राजू ने कहा कि विधायकों के अनुसार झारखंड में कुल 2.64 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.13 करोड़ गणना प्रपत्र अब तक डिजिटाइज नहीं हो सके हैं। विशेष रूप से शहरी विधानसभा क्षेत्रों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इसके अलावा लगभग 47.41 लाख मतदाता अभी भी अनमैप्ड (असंबद्ध) हैं, जिनमें अधिकांश अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रमुख शहरी क्षेत्रों में स्थिति अधिक चिंताजनक है। बोकारो में 41 प्रतिशत, जमशेदपुर पूर्वी में 51 प्रतिशत और कांके विधानसभा क्षेत्र में 33 प्रतिशत मतदाता अब भी अनमैप्ड हैं। उनके अनुसार ये आंकड़े बताते हैं कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करना चुनौतीपूर्ण है।

ज्ञापन में कहा गया है कि यदि अतिरिक्त समय दिया जाता है तो बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) वास्तविक मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेंगे। के. राजू ने कहा कि फिलहाल राज्य में कोई तत्काल चुनाव प्रस्तावित नहीं है, इसलिए कुछ अतिरिक्त दिनों का समय देने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी, बल्कि पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि यदि कठोर समय-सीमा के कारण एक भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह जाता है, तो यह सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की भावना के विपरीत होगा।

उन्होंने बताया कि 15 दिनों के समय विस्तार के अलावा कांग्रेस विधायकों ने निर्वाचन आयोग से मतदान केंद्रों और पंचायत स्तर पर विशेष सुविधा शिविर आयोजित करने की भी मांग की है। साथ ही 15 अगस्त को आयोजित होने वाली ग्राम सभा बैठकों का उपयोग मतदाता सूची के प्रारूप, दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया के संबंध में आम जनता को जागरूक करने के लिए करने का सुझाव दिया गया है।

प्रेसवार्ता में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहु, मीडिया संयोजक डॉ. एम. तौसीफ, सोनाल शांति, गजेंद्र सिंह, रियाजुल अंसारी, राजन वर्मा, अख्तर अली, ऋषिकेश सिंह सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak