किडनी रोगों की समय पर पहचान से बच सकती है जान : डॉ. अशोक बैद्य
रांची, 29 जुलाई (हि.स.)। पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के रीनल साइंसेज विभाग की ओर से बुधवार को 'एशेंशियल्स ऑफ रीनल केयर' विषय पर जन-जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किडनी एवं मूत्र संबंधी रोगों की समय पर पहचान, बचाव और आधुनिक उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. अशोक कुमार बैद्य ने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी रोगों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश किडनी रोग शुरुआती अवस्था में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होते हैं। इसलिए नियमित रूप से रक्तचाप, ब्लड शुगर, यूरिन और किडनी फंक्शन की जांच कराना बेहद जरूरी है। समय रहते बीमारी की पहचान होने पर डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण जैसी गंभीर स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कंसल्टेंट डॉ. धीरज कुमार ने क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के शुरुआती उपचार और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. सौमिक चटर्जी और डॉ. कुणाल कुमार सिंह ने मूत्र मार्ग एवं प्रोस्टेट संबंधी रोगों की समय पर जांच और उपचार की आवश्यकता बताई।
डॉ. अमित कुमार ने इस अवसर पर कहा कि यूरोलॉजिकल कैंसर की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार से मरीजों के सफल इलाज की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों से किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने और समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।
फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस एचईसी हॉस्पिटल आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए भी लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

