किसान खेती के साथ करें बागवानी : कुलपति
रांची, 11 मई (हि.स.)। कृषि निदेशालय और कृषि विभाग की ओर से सोमवार को बिरसा एग्रिकल्चर विश्वविद्यालय (बीएयू्) रांची में दो दिवसीय राज्य स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर राज्य के सभी जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए तैयार की गई आकस्मिक योजनाओं (कंटीजेंट प्लान) पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। सुखाड की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक मंथन किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दूबे ने सूखे की स्थिति में किसानों को ज़्यादा से ज्यादा राहत पहुंचाने के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किसान जुलाई के अंतिम सप्ताह तक सभी तैयारियां और प्लान सुनिश्चित कर लें। बीज वितरण को प्राथमिकता के साथ लें। नर्सरी प्रबंधन पर फोकस करें। इंटरक्रॉपिंग भी साथ साथ करें। सूखे की यदि थोड़ी भी संभावना दिखे तो उसे देखते हुए युरिया का प्रयोग सावधानी के साथ करें। सॉइल कंजर्वेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दें।
कुलपति ने कहा कि किसान खेती के साथ बागवानी भी करें। आम-लीची के पौधे लगायें। पानी की कमी है तो खेत खाली न छोड़ेंं, बल्कि ख़रीफ़ सब्जी लगाएंं। उन्होंने किसानों को खेती के साथ पशुपालन और बागवानी अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
वहीं उपनिदेशक, सांख्यिकी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के निर्देश पर संभावित सूखे को देखते हुए सभी जिलों में व्यापक तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की तैयारियों की जानकारी साझा की।
कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारी मौजूद थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

