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डायबिटीज के मरीज हर वर्ष एक बार जरूर कराएं आंखों की जांच

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डायबिटीज के मरीज हर वर्ष एक बार जरूर कराएं आंखों की जांच


रांची, 02 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड की ओर से राज्य अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को नामकुम स्थित आरसीएच भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से जुडे वक्ताओं ने कहा कि डायबीटिक रेटिनोपैथी (मधुमेह जनित नेत्र रोग) की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य भर में जागरूकता एवं जांच अभियान को मजबूती दी जा रही है।

डायबीटिक रेटिनोपैथी मधुमेह (डायबिटीज) के कारण आंखों की रेटिना पर होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो समय पर पहचान और उपचार न होने पर स्थायी अंधापन का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय से मधुमेह से ग्रसित व्यक्तियों में इस बीमारी का जोखिम अधिक होता है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को हर वर्ष कम से कम एक बार आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में इस बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिन मुददों पर चर्चा की गई उनमें राज्य के सभी जिला अस्पतालों में चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क नेत्र जांच की सुविधा, प्रशिक्षित नेत्र विशेषज्ञों की ओर से डायबीटिक रेटिनोपैथी की स्क्रीनिंग, गंभीर मरीजों के लिए उच्चस्तरीय उपचार की व्यवस्था और सहिया कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान आम लोगो के लिए स्वास्थ्य से जुडा संदेश दिया गया जिसमें कहा गया कि यदि कोई व्याक्ति मधुमेह से पीड़ित है, तो उसे नियमित रूप से अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए, धुंधला दिखाई देने, आंखों में काले धब्बे या दृष्टि में कमी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर इलाज से अंधापन रोका जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak