रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु से मारपीट का वीडियो वायरल, चार पुलिसकर्मी निलंबित
रामगढ़, 09 मार्च (हि.स.)। रामगढ़ जिले के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर परिसर में एक श्रद्धालु के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने सोमवार को चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित रजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने मंदिर के निकास द्वार से प्रवेश करने की कोशिश की। उस समय निकास द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोक दिया। इसी दौरान श्रद्धालु और पुलिसकर्मियों के बीच पहले बहस और गाली-गलौज हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
मामले की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी-मुख्यालय) सह प्रभारी एसडीपीओ चंदन वत्स को जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की भौतिक जांच की और संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि निकास द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्थिति को संयम और धैर्य के साथ संभालना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपना आपा खो दिया और श्रद्धालु के साथ मारपीट की।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद आरक्षी श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन (सभी आरक्षी सैट-112, कैम्प रजरप्पा, झारखंड सशस्त्र पुलिस-04, बोकारो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान सभी का मुख्यालय झारखंड सशस्त्र पुलिस-04 बोकारो निर्धारित किया गया है। साथ ही रक्षित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि मामले में आरोप-प्रारूप तैयार कर समादेष्टा, झारखंड सशस्त्र पुलिस-04 बोकारो के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस घटना से आम जनता के बीच पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचा है, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों से अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है और इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

