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सद्भाव से बनता है विकसित और बेहतर समाज : राज्यपाल

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सद्भाव से बनता है विकसित और बेहतर समाज : राज्यपाल


सद्भाव से बनता है विकसित और बेहतर समाज : राज्यपाल


रामगढ़, 04 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के जिमखाना क्लब में झारखंड के प्रसिद्ध व्यवसायियों में शामिल स्वर्गीय रामचंद्र रुंगटा की स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन इस कथा में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार शामिल हुए। यहां उन्होंने वृंदावन से आए कथावाचक आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज से मिलकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया।

कार्यक्रम में शामिल होने के बाद राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि सद्भाव से ही हमारा समाज बेहतर बनता है और उसका विकास होता है। जिमखाना क्लब में आयोजित यह कार्यक्रम काफी सराहनीय है। यह समाज को नई दिशा देगा। वे कई वर्षों से सक्रिय राजनीति में रहे। पांच बार सांसद भी रहे। वे लगभग सभी कथावाचकों और साधु संतों से मिले हैं। अपने समाज के लिए उन्होंने भी कई सकारात्मक कार्य किए हैं। आज यहां श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें भी सुखद अनुभूति हुई है।

कथा के शुभारंभ से पूर्व रविवार को प्रणीत टावर स्थित मंदिर से भव्य मंगल कलश शोभायात्रा निकाली गई। रामगढ़ मारवाड़ी युवा मंच एवं रामगढ़ चेतना समिति के संचालन में निकली शोभायात्रा में रूंगटा परिवार के सदस्यों के अलावा शहर के गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई।

शोभायात्रा में स्वर्गीय रामचंद्र रूंगटा की पत्नी माया रूंगटा, पुत्र अभिषेक रूंगटा, आलोक रूंगटा एवं आशीष रूंगटा, सहित अन्य लोग शामिल रहे।

सात दिवसीय आयोजन में श्रीधाम वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथाव्यास एवं भागवत मर्मज्ञ आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया। आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के दासत्व, भोग एवं सेवा अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मानवीय मूल्यों से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सात दिनों तक कथा स्थल पर भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु कथा श्रवण कर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा प्राप्त करेंगे।

आयोजन समिति की ओर से माया रूंगटा ने रांची, रामगढ़ सहित पूरे झारखंड के श्रद्धालुओं से इस पावन आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि कथा में शामिल होने के लिए किसी प्रकार के पास की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालुओं से सपरिवार एवं इष्ट-मित्रों के साथ कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत का श्रवण करने की अपील की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश