फिल्म नीति में सभी भाषाओं को शामिल करने की मांग, मंत्री को सौंपा ज्ञापन
रांची, 16 जून (हि.स.)। झारखंड की नई फिल्म नीति में भोजपुरी सहित सभी क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को कलाकारों और फिल्म क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने कला और संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए सभी भाषाओं की फिल्मों को प्रोत्साहन, सब्सिडी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से आग्रह किया कि भोजपुरी, नागपुरी, कुडुुख, मुंडारी, संथाली, खोरठा, मगही, मैथिली, हिंदी, बंगाली, पंजाबी सहित अन्य भाषाओं की फिल्मों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए एक स्पष्ट और अलग शूटिंग नीति तैयार की जाए, ताकि राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों, जंगलों, पहाड़ों और ऐतिहासिक स्थलों से समृद्ध राज्य है। यदि फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां लागू होती हैं तो स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर आश्वासन दिया कि सरकार कलाकारों और फिल्म उद्योग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।
मौके पर भोजपुरी युवा विकास मंच के अध्यक्ष अशोक द्विवेदी, आशुतोष द्विवेदी, संजय पुजारी, लव पाठक, अशोक कुमार, बृजेश कुमार और मिथिला युवा मंच के अध्यक्ष अवधेश ठाकुर सहित कई लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

