राज्यपाल से मिलकर जेपीएससी के विज्ञापन की खामियां दूर करने का किया आग्रह
रांची, 04 फ़रवरी (हि.स.)। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) शिष्टमंडल ने बुधवार को लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से जारी किए गए विज्ञापन की खामियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।
शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे जेएलकमएम के केन्द्रीय उपाध्याक्ष देवेन्द्रेनाथ महतो ने कहा कि कि जेपीएससी की ओर से जारी सिविल सेवा परीक्षा के नियुक्ति विज्ञापन में अधिकतम आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि 01 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जो पूर्व में जारी विज्ञापनों की तुलना में विसंगत है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी को आयु सीमा में संशोधन करना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पूर्ववर्ती विज्ञापन के अनुसार अधिकतम आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि 01 अगस्त 2018 होनी चाहिए।
साथ ही उन्होंने विज्ञापन के क्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया को भी स्पष्ट करने की मांग रखी। राज्यपाल संतोष गंगवार ने शिष्टमंडल की बातों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और इसे राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
लोकभवन से निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में देवेंद्रनाथ ने कहा कि पिछले 26 वर्षों में राज्य में मात्र आठ अवसरों पर कुल 13 सिविल सेवा की ही परीक्षाएं हो पाई हैं। लगभग नौ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भी आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि 2026 रखना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग किया कि आयु सीमा को संशोधित कर 01 अगस्त 2018 के आधार पर तय किया जाए। मौके पर जेएलकेएम के सत्यनारायण शुक्ला, विकास कुमार, विनय कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

