उपायुक्त ने की ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक
देवघर, 09 मई (हि.स.)।
डीसी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रखंडवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और कार्यों में अपेक्षित गति लाने के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विकास कार्यों में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के प्रति रोष व्यक्त किया और कार्यप्रणाली में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया। बैठक की शुरुआत में उन्होंने लाभुकों के ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में चलाकर शत-प्रतिशत पूर्ण करने और विभिन्न योजनाओं के लंबित जियो टैगिंग कार्यों को अविलंब पूरा करने का आदेश दिया, ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
समीक्षा के क्रम में ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं अबुआ आवास योजना, बाबा साहब अंबेडकर आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण, खेल मैदान, शेड, गार्डवाल, सोकपिट तथा ग्रामीण सड़कों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने पीएम जनमन योजना, डाकिया योजना, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना, दीदी बाड़ी योजना, कूप निर्माण, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और आम बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए कार्यों में हो रही देरी पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा।
योजनाओं की जमीनी स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयी आंकड़ों तक सीमित न रहें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अभियंताओं को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का निर्देश दिया।
साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने जिले के सभी १० प्रखंडों में पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। खराब पड़े चापाकलों की त्वरित मरम्मत, चिन्हित ड्राई जोन क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति और खराब सोलर आधारित जलमीनारों को अविलंब चालू कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, डीआरडीए निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, एनआरपी एवं विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, सभी बीपीओ, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, जेएसएलपीएस की टीम, एबीएफ की टीम सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy

