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क्लास टीचर बने डीसी ऋतुराज, प्रभारी शिक्षकों को किया शो-कॉज

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क्लास टीचर बने डीसी ऋतुराज, प्रभारी शिक्षकों को किया शो-कॉज


क्लास टीचर बने डीसी ऋतुराज, प्रभारी शिक्षकों को किया शो-कॉज


रामगढ़, 03 सितंबर (हि.स.)। जिले में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए डीसी ऋतुराज बेहद अनूठी पहल कर रहे हैं। गुरुवार काे एक बार फिर वे सरकारी विद्यालयों में शिक्षक की भूमिका में नजर आए। यहां उन्होंने न सिर्फ शैक्षणिक गुणवत्ता पर ध्यान दिया, बल्कि खेलकूद, गार्डेनिंग और स्मार्ट क्लासेस पर भी ध्यान केंद्रित किया। उनका यह अलग अंदाज छात्रों को भी भाया। जहां बच्चों की दक्षता जांचने के लिए डीसी ने उनसे सवाल किए, वहीं छात्रों ने भी डीसी को अपना क्लास टीचर समझ कर अपने कई डाउट्स क्लियर किए।

डीसी ने राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय बनखेता (हरेटोला), राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोहाकातू और राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय छत्तरमांडू की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं, स्मार्ट क्लास, खेल परिसर, गार्डनिंग (बागवानी), पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता और विभिन्न प्रशासनिक पंजियों (रजिस्टरों) का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीसी एक अलग अंदाज में नजर आए। वे सीधे कक्षाओं में पहुंचे और स्वयं एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए डिजिटल, ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके पाठ्यक्रम (सिलेबस) से संबंधित कई प्रश्न पूछे। उनकी पठन-पाठन क्षमता, समझ एवं शैक्षणिक दक्षता का आंकलन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित रहकर नियमित रूप से विद्यालय आने, लगन से पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

डीसी ने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के सुचारू संचालन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीक पर आधारित डिजिटल शिक्षण का लाभ प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्यालय परिसर में उपलब्ध खेल सुविधाओं का जायजा लिया और कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए नियमित खेल गतिविधियां अत्यंत आवश्यक हैं। डीसी ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने के लिए गार्डनिंग (बागवानी) एवं पौधरोपण गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विद्यालयों में दिए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए डीसी ने निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार बच्चों को प्रतिदिन ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान उपस्थिति व अन्य पंजियों के संधारण में त्रुटियां पाई गईं। साथ ही 'रेल परियोजना' और 'प्रोजेक्ट इंपैक्ट' के तहत परीक्षाओं के संचालन एवं विद्यार्थियों के प्रदर्शन में कमियां मिलने पर डीसी ने असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित प्रभारी शिक्षकों को 'शो-कॉज' जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि पाई गई सभी कमियों का 10 दिनों के भीतर निराकरण कर अनुपालन रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश