डीसी ने बेड़ो और मांडर की महिला पर्यवेक्षिकाओं को किया शोकॉज
रांची, 11 अप्रैल (हि.स.)।
कुपोषण उपचार केंद्रों में कम नामांकन को गंभीरता से लेते हुए रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने बेड़ो और मांडर प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिकाओं को शोकॉज जारी करते हुए उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह निर्देश समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दिया गया।
बैठक में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित देते हुए कहा है कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त ने कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एमटीसी में शत-प्रतिशत भर्ती कराया जाए और समुचित इलाज और पोषाहार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित करें। आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका चयन में पारदर्शिता बरतने का निर्देश देते हुए उन्होंने अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही आंगनवाड़ी भवन निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने पोषण ट्रैकर ऐप में 100 प्रतिशत डाटा एंट्री सुनिश्चित करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने और टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

