एड्स की रोकथाम को लेकर डीसी ने की बैठक, गर्भवती महिलाओं के पतियों की जांच के निर्देश
रामगढ़, 28 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में एचआईवी-एड्स की रोकथाम और नियंत्रण एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला स्तरीय एड्स रोकथाम तथा नियंत्रण समिति की बैठक आयोजिसी ऋतुराज की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संक्रमण की समय पर पहचान, जांच की व्यवस्था मजबूत करने और जन-जागरूकता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में डीसी ने कहा कि एचआईवी-एड्स की रोकथाम के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समाज कल्याण, शिक्षा, उद्योग सहित अन्य संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंचे और संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़े।
डीसी ने निर्देश दिया कि सभी गर्भवती महिलाओं के साथ उनके पतियों की भी एचआईवी और सिफलिस की जांच सुनिश्चित की जाए। इससे संक्रमण की समय पर पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने जिले के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों में एचआईवी एवं सिफलिस जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने और जांच से संबंधित प्रतिवेदन नियमानुसार संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।
बैठक में शिक्षा विभाग, उद्योग विभाग और अन्य संबंधित विभागों को एचआईवी-एड्स से बचाव, समय पर जांच और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने में सहयोग करने को कहा गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्थाओं की ओर से किए गए कार्यों की समीक्षा कर प्रगति का आकलन किया जाएगा।
बैठक में सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा सह एड्स नियंत्रण पदाधिकारी, समाज कल्याण एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारी तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

