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डीसी ने नवोदय विद्यालय के प्रचार्य सहित कई शिक्षकों के वेतन पर लगाई रोक

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डीसी ने नवोदय विद्यालय के प्रचार्य सहित कई शिक्षकों के वेतन पर लगाई रोक


डीसी ने नवोदय विद्यालय के प्रचार्य सहित कई शिक्षकों के वेतन पर लगाई रोक


डीसी ने नवोदय विद्यालय के प्रचार्य सहित कई शिक्षकों के वेतन पर लगाई रोक


रामगढ़, 18 सितंबर (हि.स.)। अभिभावकों से लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उपायुक्त ऋतुराज ने शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, पतरातू का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और आवासीय व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान कई स्तरों पर अनियमितताएं और व्यवस्थागत कमियां सामने आने पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने और 15 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।

निरीक्षण में उपस्थिति पंजी के अनुसार कई शिक्षक विद्यालय में मौजूद नहीं मिले। वहीं प्राचार्य की ओर से आगामी दिनों की उपस्थिति भी पहले से दर्ज किए जाने का मामला सामने आया। उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।

मेडिकल सेंटर में भी स्टाफ नर्स उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद कार्यस्थल से अनुपस्थित मिली। बताया गया कि निरीक्षण के दौरान सुबह 11.30 बजे उनके कार्यस्थल पर पहुंचने की बात सामने आई। मेडिकल सेंटर की स्टॉक पंजी भी अद्यतन नहीं मिली। उपायुक्त ने संबंधित कर्मी से स्पष्टीकरण मांगते हुए जांच के निर्देश दिए।

खेल शिक्षक भी अनुपस्थित पाए गए और खेल कक्ष में आवश्यक उपकरणों की कमी मिली। खेल मैदान में विद्यार्थियों के बांस से बने गोल पोस्ट का उपयोग किए जाने पर उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को खेल सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिया। वहीं मेस में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली और स्टॉक पंजी भी अपडेट नहीं थी। हॉस्टल के निरीक्षण में भी सफाई व्यवस्था में कमी सामने आई। कई शौचालयों में पानी की समस्या या खराब होने की शिकायत विद्यार्थियों ने बताई। उपायुक्त ने प्राचार्य को सभी व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कर तत्काल सुधार कराने का निर्देश दिया।

आधारभूत संरचना की समीक्षा में फाउंटेन निर्माण कार्य छह माह से बंद पाया गया। उपायुक्त ने निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज, पंजी और अभिलेख तलब किए, ताकि कार्य में विलंब के कारणों और प्रगति की जांच की जा सके। पुस्तकालय में बुक इश्यू रजिस्टर का संधारण भी व्यवस्थित नहीं मिला।

निरीक्षण के दौरान कई शिक्षकों के जींस और टी-शर्ट में विद्यालय आने का मामला सामने आया। उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को निर्धारित ड्रेस कोड और विद्यालयी अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों से भोजन की गुणवत्ता, रात में पढ़ाई के लिए सुविधाएं, चिकित्सा व्यवस्था सहित अन्य समस्याओं की जानकारी ली। विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने प्राचार्य को त्वरित समाधान का निर्देश दिया। साथ ही विद्यार्थियों को करियर काउंसलिंग, बोर्ड परीक्षा की तैयारी, नियमित अध्ययन और समय प्रबंधन को लेकर मार्गदर्शन दिया।

औचक निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर उपायुक्त ने कहा कि अभिभावकों की कई शिकायतें प्रथम दृष्टया सही पाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर समाहर्ता, रामगढ़ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया गया है। समिति विद्यालय की विभिन्न शिकायतों और अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी।

उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर व्यवस्थाओं में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आवासीय सुविधा, स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, समुचित चिकित्सा सुविधा और आवश्यक खेल एवं शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

वहीं निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के आलोक में उपायुक्त ने प्राचार्य और सभी संबंधित शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही प्राचार्य के कार्य प्रदर्शन को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षा मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश