सडक हादसे का डीसी-एसपी ने किया निरीक्षण, एनएचएआई को कार्य पूर्ण करने का निर्देश
रामगढ़, 26 जून (हि.स.)।
जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत बारलौंग क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में 08 लोगों की हुई मृत्यु पर जिला प्रशासन ने संवेदना प्रकट की। मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को डीसी ऋतुराज और एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) रामगढ़-बोकारो की तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटना के कारणों का बारीकी से आंकलन किया गया। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस संबंध में एनएचएआई को सख्त निर्देश दिए गए। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के तकनीकी टीम ने घटनास्थल का विस्तृत अवलोकन किया गया। डीसी और एसपी को सुधारात्मक उपाय भी बताए गए। इस संबंध में डीसी ने एनएचएआई को शॉर्ट टर्म मेजर्स के तहत किए जाने वाले सभी कार्यों को 24 घंटे के भीतर हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया।
शॉर्ट टर्म मेजर्स के अंतर्गत दुर्घटना संभावित स्थल पर रम्बल स्ट्रिप का निर्माण, आवश्यक चेतावनी और दिशा सूचक साइन बोर्ड (साईनेज) लगाने एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट) सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीसी ने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से वाहन चालकों को समय रहते सड़क की स्थिति की जानकारी मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी।
वहीं लॉन्ग टर्म मेजर्स के अंतर्गत सड़क का आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण, रिफ्लेक्टर लगाने, रोड गार्ड (क्रैश बैरियर) की ऊंचाई बढ़ाने सहित अन्य स्थाई सुरक्षा उपायों को दो सप्ताह के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से सभी कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने सड़क सुरक्षा के सभी पदाधिकारियों और पुलिस विभाग को भी दुर्घटना संभावित स्थलों पर नियमित गश्ती, यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने और आमजन को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तरीय समिति बनाकर जिले के अन्य क्षेत्रों में स्थित सड़कों पर भी ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित करते हुए उनमें किए जाने वाले सुधारात्मक उपायों से संबंधित प्रतिवेदन तैयार कर 01 हफ्ते के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, अंचल अधिकारी चितरपुर सहित अन्य उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश

