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साइबर गैंग के म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़, चार अपराधी गिरफ्तार

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साइबर गैंग के म्यूल अकाउंट का भंडाफोड़, चार अपराधी गिरफ्तार


रामगढ़, 30 अप्रैल (हि.स.)। जिले में साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अवैध लेन-देन और म्यूल अकाउंट के जरिए देशभर में साइबर ठगी को अंजाम देने वाले नेटवर्क का खुलासा एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने किया है। इस मामले में चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।

28 अप्रैल 2026 को गृह मंत्रालय भारत सरकार के आई-4 सी परियोजना के तहत संचालित समन्वय पोर्टल और प्रतिविम्ब पोर्टल पर एक संदिग्ध बैंक खाते में लेन-देन की सूचना प्राप्त हुई। यह खाता भारतीय स्टेट बैंक में संचालित था, जिसमें असामान्य ट्रांजेक्शन पाए गए। जांच के दौरान पाया गया कि इस खाते से देश के विभिन्न राज्यों में कुल 274 साइबर शिकायतों में अवैध राशि का लेन-देन हुआ है जो एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

पुलिस ने जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया है उसमें राहुल गुप्ता, रवि कुमार वर्मा, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना, सोनू कुमार झा शामिल हैंं। वहीं, अजय शर्मा और संतोष यादव फिलहाल फरार हैं।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित एमएसएमई (उद्यम रजिस्ट्रेशन) के तहत बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था। खातों का ऑनलाइन एक्सेस टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से देशभर के गिरोहों को दिया जाता था। इसके बदले साधारण खाते पर लगभग 01 लाख रुपए ट्रेडिंग (उद्यम) खाते पर 02 लाख तक मिलते थे। खाताधारकों को 40,000, मिडिलमैन को 20 हजार और शेष रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन जब्त किए, जिनमें वीवो, आईफ़ोन, रेडमी 5जी, सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 06 जैसे फोन शामिल हैं। इन मोबाइल से फर्जी सिम, बैंकिंग डिटेल, और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के अहम सबूत मिले हैंं। साथ ही ई-साक्ष्य एप के माध्यम से मोबाइल डेटा की जांच और वीडियोग्राफी की गई, जिससे अपराध में संलिप्तता की पुष्टि हुई।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66 सी और 66 सी के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा पुलिस निरीक्षक विकास आर्यन को सौंपा गया है। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग असली अपराधी अपनी पहचान छुपाकर अवैध लेन-देन के लिए करते हैं। इसमें अक्सर गरीब या लालच में आए लोगों के खाते इस्तेमाल किए जाते है।

छापेमारी टीम में सब इंस्पेक्टर दिगंबर पांडे, रंजीत कुमार यादव, आरक्षी जितेंद्र पासवान, मो तौफीक सहित तकनीकी शाखा शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश