दीपावली पर रांची के बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़, पूजा सामग्री से लेकर दीये और झालरों की खूब हुई बिक्री
-नई धान की बाली, कमल फूल और गेंदा की रही खास मांग, 50 रुपये से 4500 रुपये तक की झालरें बाजार में उपलब्ध
रांची, 08 नवंबर (हि.स.)। दीपावली के अवसर पर रविवार को राजधानी रांची के बाजारों में सुबह से ही खरीदारों की चहल-पहल रही। लक्ष्मी पूजा के लिए फूल, नई धान की बाली, केला का थंब और मिट्टी के दीये खरीदने के लिए विभिन्न बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ी। वहीं, घरों और दुकानों को रोशनी से सजाने के लिए रंग-बिरंगी झालरों, डिजाइनर झूमरों और चाइनीज लाइटों की भी खूब खरीदारी हुई।
कोकर, लालपुर, डोरंडा, बूटी मोड़, अपर बाजार और कचहरी समेत शहर के प्रमुख बाजारों में सुबह से ही पूजन सामग्री की दुकानों पर खरीदार जुटने लगे थे। माता लक्ष्मी की पूजा में विशेष महत्व रखने वाली नई धान की बाली, गेंदा फूल और कमल फूल की मांग सबसे अधिक रही।
दीपावली पर नई धान की बाली माता लक्ष्मी को अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नई फसल की बाली सुख-समृद्धि और अच्छी पैदावार का प्रतीक मानी जाती है। यही वजह है कि बाजारों में इसकी खरीदारी को लेकर खास उत्साह दिखा। धान की छोटी गड्डी 10 से 25 रुपये तक में उपलब्ध रही। वहीं, लक्ष्मी पूजन के लिए लोग कमल फूल भी खरीदते नजर आए। बाजार में कमल फूल 10 से 20 रुपये प्रति पीस की दर से बिके।
पूजा सामग्री में केला के थंब की भी अच्छी मांग रही। आकार के अनुसार इसकी कीमत 150 से 300 रुपये प्रति जोड़ा रही, जबकि बड़े थंब 400 से 500 रुपये तक में बिके।
गेंदा फूल की मांग भी बनी रही। पूजा और घरों की सजावट के लिए लोगों ने पीले और लाल गेंदा फूल की खरीदारी की। मंडी में खुले गेंदा फूल की कीमत 80 से 170 रुपये प्रति किलो रही। पीले गेंदा फूल की बड़ी लड़ी 700 से 800 रुपये और लाल गेंदा फूल की लड़ी 600 से 650 रुपये तक में बिकी। सामान्य गेंदा माला 20 से 40 रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध रही।
चाइनीज झालरों और डिजाइनर लाइटों का बढ़ा क्रेज
दीपावली को लेकर रांची के बाजारों में चाइनीज लाइटों और रंग-बिरंगी झालरों की भरमार रही। इस बार बड़ी झालरों, डिजाइनर झूमरों और आकर्षक लाइटों की मांग अधिक देखने को मिली। लोग सुबह से ही घरों और दुकानों को सजाने के लिए लाइटों की खरीदारी करते रहे।
डेली मार्केट के व्यवसायी तौसीफ ने बताया कि स्वदेशी झालर महंगी होने के कारण ग्राहक चाइनीज उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं। इस बार बाजार में अलग-अलग डिजाइन और आकार की झालरें 50 रुपये से लेकर 4500 रुपये तक में उपलब्ध हैं।
दुकानदार इमरान ने बताया कि समय के साथ सजावटी लाइटों की मांग बढ़ी है। दीपावली पर घरों और दुकानों को रोशनी से सजाने के लिए लोग बाजार पहुंच रहे हैं। पिछले एक-दो दिनों से अच्छी बिक्री हो रही है।
मिट्टी के दीयों की भी बढ़ी मांग
दीपावली पर पारंपरिक मिट्टी के दीयों की खरीदारी भी जोरों पर रही। हरमू, कोकर, लालपुर, बरियातू, डोरंडा, धुर्वा, तुपुदाना, हिनू और अरगोड़ा समेत शहर के विभिन्न इलाकों में दीयों की दुकानें सजी रहीं। बाजार में सामान्य मिट्टी के दीयों के साथ रंगीन और डिजाइनर दीयों की कई किस्में उपलब्ध हैं।
सामान्य मिट्टी के दीये डेढ़ से दो रुपये प्रति पीस की दर से बिक रहे हैं। वहीं, रंगीन और डिजाइनर दीयों की कीमत उनके आकार और बनावट के अनुसार अलग-अलग है। फूलों के आकार वाले दीये, आकर्षक रंगों से सजे दीये और मोम से तैयार सजावटी दीये भी खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दीयों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
झारखंड के कई पारंपरिक और आदिवासी समुदायों में दीपावली पर करंज तेल से दीया जलाने की परंपरा भी प्रचलित है। स्थानीय बाजार में करंज तेल करीब 200 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

