पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डीसी
दुमका, 02 अगस्त (हि.स.)। राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के अंतर्गत सावन की पहली सोमवारी को बाबा बासुकीनाथ धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं के भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है।
इसी क्रम में मयूराक्षी कला मंच पर डीसी अभिजीत सिन्हा एवं एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार की ओर से मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत ब्रीफिंग की ।
बैठक में पहली सोमवारी की व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं समन्वय के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।
डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी ड्यूटी के दौरान किसी भी परिस्थिति में अपना कर्तव्य स्थल नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पहली सोमवारी को अर्घा के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलार्पण करेंगे, इसलिए प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त एवं सक्रिय रहनी चाहिए।
सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहे। डीसी ने पेयजल, शौचालय, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने विद्युत विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट जैसी कोई भी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा सभी विद्युत व्यवस्थाओं का सतत निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी रूट लाइन में इंद्र वर्षा (स्प्रिंकलर) प्रणाली निरंतर चालू रहे, ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके।
डीसी ने कहा कि पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीसी ने निर्देश दिया कि खोया-पाया संबंधी सूचना एवं आवेदन की ऑनलाइन व्यवस्था का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने क्लॉक रूम को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया। डीसी ने कहा कि किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो संबंधित अधिकारी तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को सूचित करते हुए उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने का भी निर्देश दिया।
बैठक के बाद डीसी ने तारा मंदिर चौक, शिवगंगा घाट, रूट लाइन, क्यू कॉम्प्लेक्स एवं निकास द्वार सहित विभिन्न स्थलों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया कि निकास द्वार से किसी भी स्थिति में प्रवेश न होने दिया जाए तथा सभी श्रद्धालुओं का जलार्पण कतारबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का सर्वोच्च उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण में बाबा बासुकीनाथ का जलार्पण कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार

