ओबीसी के लिए अलग कोड की मांग को लेकर 16 को लोकभवन मार्च करेगी कांग्रेस
रांची, 12 सितंबर (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा है कि पूरे देश में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रथम चरण में मकानों की गणना की जा चुकी है और अब दूसरे चरण में व्यक्तियों की गणना की जाएगी है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि जनगणना के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातिगत पहचान और उनकी वास्तविक जनसंख्या का स्पष्ट एवं वैज्ञानिक तरीके से आकलन किया जाए।
शनिवार को कांग्रेस भवन, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कमलेश ने कहा कि झारखंड जैसे राज्यों के लिए जातिगत जनगणना के आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य में पिछड़े वर्गों की आबादी बड़ी संख्या में है, लेकिन सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े इस वर्ग को आज भी उनकी जनसंख्या के अनुरूप अधिकार और हिस्सेदारी का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कमलेश ने कहा कि मंडल कमीशन की सिफारिशों के आधार पर पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, लेकिन झारखंड में पिछड़े वर्गों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य के सात जिलों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण शून्य होना सामाजिक न्याय की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने स्पष्ट मांग करते हुए कहा कि जनगणना प्रपत्र में अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) की तरह ही अन्य पिछड़ा वर्ग की स्पष्ट एवं अलग पहचान के लिए अलग कोड की व्यवस्था की जाए।
इसके साथ ही राज्यों में मान्य पिछड़ा वर्ग की जातियों को सूचीबद्ध कर जनगणना में दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि उनकी वास्तविक संख्या का प्रमाणिक आंकड़ा सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर 16 सितंबर को ओबीसी मोर्चा बापू वाटिका से लोकभवन तक मार्च करेगा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा। वहीं, एमएमडीआर कानून एवं खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दों तथा चंदा चोरी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमिटी 26 सितंबर को शहीद चौक से लोकभवन तक मार्च करेगी और ज्ञापन सौंपेगी। इसके बाद 05 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक सभी प्रखंड मुख्यालयों में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
जनगणना में ओबीसी का विशेष कॉलम उपलब्ध नहीं कराया गया : प्रदीप
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि इस बार जनगणना में जाति दर्ज करने के लिए पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची या अलग से ओबीसी का विशेष कॉलम उपलब्ध नहीं कराया गया है, बल्कि व्यक्ति की ओर से स्वयं घोषित जाति दर्ज करने के लिए एक खुला कॉलम रखा गया है। ऐसे में जातियों की पहचान और आंकड़ों की शुद्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
नवनियुक्त ओबीसी के प्रदेश अध्यक्ष निशांत जायसवाल ने ने कहा कि पिछड़े वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी, प्रदेश संयोजक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के डॉक्टर तौसीफ, सोशल मीडिया के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल प्रकाश तिवारी, प्रदेश महासचिव राकेश किरण महतो भी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

