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ओबीसी के लिए जातिगत जनगणना में अलग कॉलम की मांग, कांग्रेस 16 सितंबर को निकालेगी राजभवन मार्च

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ओबीसी के लिए जातिगत जनगणना में अलग कॉलम की मांग, कांग्रेस 16 सितंबर को निकालेगी राजभवन मार्च


रांची, 14 सितंबर (हि.स.)। जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी 16 सितंबर को राजभवन मार्च करेगी। मार्च में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। मार्च के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना में ओबीसी की वास्तविक संख्या दर्ज करने के लिए अलग कॉलम सुनिश्चित करने की मांग करेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और संसाधनों में न्यायपूर्ण हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी ओबीसी समाज से आती है। ऐसे में यदि जनगणना में उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आंकड़ा दर्ज नहीं होगा, तो उनके अधिकारों और हिस्सेदारी से जुड़े नीतिगत फैसले किस आधार पर लिए जाएंगे।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुरूप अधिकार और हिस्सेदारी देने से क्यों डर रही है, यह जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' और सामाजिक न्याय की बात करती है, तो जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम रखने में आपत्ति क्यों है।

कमलेश ने कहा कि कांग्रेस की मांग न्यायसंगत और संविधान की भावना के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि 'जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी' सामाजिक न्याय का मूल सिद्धांत है। सटीक आंकड़ों के अभाव में आरक्षण, शिक्षा, रोजगार, आर्थिक योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों का लाभ लक्षित वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कठिन होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार को ओबीसी समाज को राजनीतिक नारों के बजाय सटीक आंकड़ों और वास्तविक अधिकारों के माध्यम से जवाब देना चाहिए। कांग्रेस सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को सदन से सड़क तक मजबूती से लड़ेगी।

उन्होंने कहा कि 16 सितंबर का राजभवन मार्च केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश देगा कि ओबीसी समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हिस्सेदारी से जुड़े सवालों को आंकड़ों के अभाव में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग को लेकर कांग्रेस का संघर्ष ठोस निर्णय होने तक जारी रहेगा।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak