राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के साथ किया विश्वासघात, हो जांच : माले
रांची, 19 जून (हि.स.)। भाकपा माले ने झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में इंडिया गठबंधन के दूसरे उम्मीदवार और कांग्रेस प्रत्याशी की हार को झारखंड की राजनीतिक गरिमा पर गंभीर आघात बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस अपनी विफलता की जिम्मेदारी लेने के बजाय सहयोगी दलों पर झूठे आरोप लगाकर अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है।
यह बातें भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता
में कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और इंडिया गठबंधन के नेता हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि गठबंधन के निर्णय के अनुरूप पार्टी के दोनों विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। मतदान के बाद पार्टी के प्रतिनिधियों ने मतपत्रों का सत्यापन भी किया था और उन्हें सही पाया था।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम सामने आते ही कांग्रेस नेताओं और उसके पोलिंग एजेंट का बिना किसी आधार के भाकपा माले और राजद पर आरोप लगाना यह संकेत देता है कि कांग्रेस के भीतर पहले से ही साजिश रची गई थी और दूसरों पर दोष मढ़ने की तैयारी कर ली गई थी।
अपने विधायकों के मतदान की सच्चाई को सार्वजनिक करे कांग्रेस
राज्य सचिव ने कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों के मतदान की सच्चाई सार्वजनिक करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि झारखंड की प्रतिष्ठा को दांव पर लगाने वाला यह राजनीतिक खेल क्यों खेला गया। यह केवल गठबंधन के साथ विश्वासघात नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के साथ धोखा है।
वहीं पोलित ब्यूरो सदस्य सह पोलिंग एजेंट हलधर महतो ने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में भी कांग्रेस के कुछ विधायक नकदी के साथ पकड़े गए थे और राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों के आरोप सामने आए थे। कांग्रेस के अंदरूनी विरोधाभास और सार्वजनिक बयानबाजी उसके अवसरवादी चरित्र को उजागर करते हैं।
पार्टी के केंद्रीय कमिटी सदस्य गीत मंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने, झारखंड को कलंकित करने वाली गतिविधियों के लिए कांग्रेस को स्पष्ट चेतावनी देने एवं इंडिया गठबंधन की एकता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों पर रोक लगाने की मांग की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

