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झारखंड के 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट

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झारखंड के 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे फर्स्ट रेफरल यूनिट


रांची, 08 जून (हि.स.)। झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने सभी 188 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत पहले चरण में 20 सीएचसी को मॉडल एफआरयू के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी), नई दिल्ली ने सोमवार को एक ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह जानकारी देते हुए मातृत्व कोषांग की राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. पुष्पा ने बताया कि चयनित स्वास्थ्य केंद्रों को भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके तहत आधारभूत संरचना, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाओं तथा चिकित्सा उपकरणों को 50 से 80 प्रतिशत तक उन्नत किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सभी केंद्रों में गैप एनालिसिस कर आवश्यक मानव संसाधन और बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करने के निर्देश दिए हैं। गैप एनालिसिस के आधार पर केंद्रों को राष्ट्रीय प्रमाणन के लिए तैयार किया जाएगा।

आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने बताया कि एफआरयू में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, जटिल प्रसव, सिजेरियन ऑपरेशन, नवजात शिशु देखभाल और ब्लड स्टोरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी तथा मरीजों को बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar