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एनएसटीसी ने किया 66 में से 16 मामलों का निष्पादन, अधिकांश मामले सीनटी उल्लंघन के

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एनएसटीसी ने किया 66 में से 16 मामलों का निष्पादन, अधिकांश मामले सीनटी उल्लंघन के


रांची, 29 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनएसटीसी) की ओर से सर्कुलर रोड स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित तीन दिवसीय सुनवाई बुधवार को संपन्न हो गई। समापन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने कहा कि रांची सहित पूरे राज्यभर में जमीन से जुड़े अधिकांश मामलों में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन पाया गया है।

उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय सुनवाई के दौरान कुल 66 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 15 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। अधिकांश मामले अत्याचार, जमीन विवाद, सेवा संबंधी शिकायतें और आदिवासी अधिकारों से जुड़े थे। आयोग ने कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। आशा लकड़ा ने कहा कि रांची जिले के बुकरू स्थित चामा गांव से जुड़े छह मामलों में जबरन जमीन हस्तांतरण और कब्जे की शिकायत सामने आई है।

आदिवासी परिवारों को डरा-धमकाकर उनकी जमीन कब्जाने का आरोप है। इस मामले में उपायुक्त और एसएसपी को आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, वारंट जारी करने और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर आयोग को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि राजधानी के वार्ड-26 स्थित हरमू अस्पताल मामले में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। संबंधित जमीन से जुड़े आदिवासी परिवार की वंशावली सीओ से सत्यापित कराने का निर्देश दिया गया है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रांची नगर निगम की ओर से जी प्लस 2 आवासीय भवन का नक्शा स्वीकृत किया गया था, जबकि अस्पताल का संचालन जी प्लस 3 भवन में किया जा रहा है।

आशा लकड़ा ने चाईबासा की उस घटना पर भी चिंता जताई, जिसमें एम्बुलेंस नहीं मिलने से एक आदिवासी परिवार बच्चे का शव थैले में रखकर 60 किलोमीटर दूर ले जाने को विवश हुआ था। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि ऐसी घटना दोबारा न हो। जरूरत पड़ने पर एनजीओ से एमओयू कर पर्याप्त एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar