मुख्यमंत्री ने की ऊर्जा विभाग समीक्षा, रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड
रांची, 29 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों और योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र राज्य के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए बिजली उत्पादन, संचरण एवं वितरण व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और बिजली कटौती एवं अन्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने ऊर्जा विभाग को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी योजनाओं का समय पर और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली कटौती से संबंधित शिकायतों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाने का निर्देश दिया, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक और नवाचार आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड में उपलब्ध जल संसाधनों, जलाशयों और जलप्रपातों की अपार संभावनाओं का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आकलन कर जलविद्युत उत्पादन को नई गति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से हुंडरू, जोन्हा सहित राज्य के विभिन्न जलप्रपातों एवं जलाशयों की क्षमता का विस्तृत अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और इंजीनियरिंग समाधानों का उपयोग करते हुए कम जल उपलब्धता में भी अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सके और भविष्य की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति प्रभावी ढंग से हो सके।
रांची में बनेंगे तीन नए स्मार्ट ग्रिड
रांची, राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी। नए स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा कई नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण किया जाएगा।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्मार्ट ग्रिड परियोजना के माध्यम से विद्युत वितरण प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति की निगरानी, लोड प्रबंधन और संभावित तकनीकी बाधाओं के त्वरित समाधान में भी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और कार्यान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड स्थापित होने से बिजली वितरण नेटवर्क अधिक सक्षम होगा, ऊर्जा हानि में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को आधुनिक और बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी। यह परियोजना राज्य की ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली देने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ प्रभावी और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लाभुकों की पहचान, योजना के क्रियान्वयन और लाभ वितरण की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए, ताकि किसी भी पात्र उपभोक्ता को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी करने तथा योजना से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन के भी निर्देश दिया।
सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की वर्तमान उत्पादन क्षमता, तकनीकी स्थिति एवं भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लांट में स्थापित पुरानी एवं नई मशीनों की कार्यक्षमता का तुलनात्मक अध्ययन कर उनकी दक्षता का समग्र आकलन किया जाए, ताकि विद्युत उत्पादन को और अधिक प्रभावी एवं किफायती बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाते हुए सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए। इससे कम जल उपयोग के साथ अधिकतम बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लांट में आधुनिक एवं ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग की संभावनाओं का अध्ययन कर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर पैनल स्थापित करने तथा सरकारी एवं निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सोलर पैनल स्थापित करने के लिए आवश्यक सब्सिडी एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, किसानों द्वारा उत्पादित सौर ऊर्जा की सरकारी खरीद के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें अपनी ऊर्जा का उचित लाभ मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

