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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, राजस्व वृद्धि और पारदर्शिता पर जोर

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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, राजस्व वृद्धि और पारदर्शिता पर जोर


मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, राजस्व वृद्धि और पारदर्शिता पर जोर


-खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति ओडिशा और छत्तीसगढ़ से बेहतर : मुख्यमंत्री

रांची, 25 मई (हि.स.)। झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तुलना में झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। अधिकारियों ने अवगत कराया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था तथा प्रभावी निगरानी तंत्र के कारण राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और उनके समुचित उपयोग पर बल दिया गया।

समीक्षा के दौरान विभाग की ओर से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक प्रणाली के व्यापक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागों में उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप एक साझा दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा।

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई। विभिन्न कर मदों से प्राप्त राजस्व आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया और कर संग्रह से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

जीएसटी, वैट, प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया। साथ ही करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई।

बैठक में विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा गया।

बैठक में विभागीय मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे