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सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का डेटा बेस करें तैयार : मुख्यमंत्री

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सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का डेटा बेस करें तैयार : मुख्यमंत्री


रांची, 27 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जा रहे योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग एवं अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से जो कार्य किए जा रहे हैं उनका डिजिटलाइजेशन डेटा बेस तैयार करें। स्वयं सेवी संस्थाओं के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग हो यह सुनिश्चित की जाए।

मौके पर मुख्यमंत्री ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से एनजीओ के माध्यम से संचालित मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य के तहत बाल गृहों का संचालन, ओल्ड एज होम के संचालन सहित कई अन्य योजनाओं के कार्य प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के तहत सखी निवास संचालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की कामकाजी महिलाओं (वर्किंग वुमन) से संबंधित एक डेटा बेस शीघ्र तैयार कर विभाग को समर्पित की जाए।

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सखी निवास योजना के माध्यम से छात्रावास में रहने वाली कामकाजी महिलाओं को डे केयर की सुविधाओं के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की उपलब्धता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शक्ति सदन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए स्वयं सहायता समूहों द्वारा गठित संस्थाओं को शामिल किए जाने की कार्य योजना बनाएं।

मौके पर मुख्यमंत्री ने मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत संचालित स्वपोषित बाल गृह एवं ओल्ड एज होम के कार्य प्रगति की जानकारी ली एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अंतर्गत गैर सरकारी संस्था की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री के समकक्ष अधिकारियों ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय आश्रम आवासीय विद्यालय, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति आवासीय प्राथमिक विद्यालय, पीभीटीजी प्राथमिक आवासीय विद्यालय, कल्याण अस्पताल एवं छात्रावास पोषण योजना के संचालन के कार्य प्रगति की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में डिजिटल एवं ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने निमित्त बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कल्याण विभाग अस्पताल हॉस्टल एवं स्कूल संचालन के साथ-साथ नर्सिंग कॉलेज का भी संचालन करें। वर्तमान समय में नर्सिंग के क्षेत्र में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार प्राप्त हो ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रावास पोषण योजना का संचालन जिला स्तरीय कमेटी गठन कर की जाए।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा कि शिक्षा, आवास एवं स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही छात्रावास में रह रहे बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का नियमित मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसके लिए पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाएंगे जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल सकेगा।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग उमाशंकर सिंह, सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग कृपानंद झा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे