home page

विधानसभा सत्र को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को मात देने के लिए बनाई फुल-प्रूफ रणनीति

 | 
विधानसभा सत्र को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को मात देने के लिए बनाई फुल-प्रूफ रणनीति


रांची, 05 अगस्त (हि.स.)। विधानसभा सत्र को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को मात देने की लिए रणनीति बनाई है। झारखंड विधानसभा के 06 से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र के पहले बुधवार को डॉ श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों की बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई।

इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के राजू भी विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के दौरान आगामी सत्र को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को हर मोर्चे पर घेरने और छात्र आंदोलन से जुड़े सवालों का करारा और तथ्यात्मक जवाब देने के लिए पूरी तरह से ‘फुल-प्रूफ’ रणनीति तैयार की गई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि सदन के भीतर विपक्ष की ओर से छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के उठाए जाने वाले मुद्दों पर केवल बचाव की मुद्रा में रहने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया जाएगा। सत्ता पक्ष सदन में भाजपा के पिछले शासनकाल के दौरान हुई गड़बड़ियों और उन मामलों में वर्षों से चल रही सीबीआई जांच की सुस्त रफ्तार को सदन को रखेगा । इसके साथ ही, सरकार का यह भी पक्ष मजबूती से रखा जाएगा कि छात्रवृत्ति की राशि जारी करने में केंद्र सरकार की ओर से झारखंड के साथ लगातार भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सत्ता पक्ष के सभी विधायकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी तैयारी, पुख्ता आंकड़ों और सजगता के साथ सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।

छात्र आंदोलन और उसके समाधान को लेकर सरकार की ओर से गठित कमेटी के स्वरूप पर चल रही चर्चाओं के बीच, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है। उन्होंने मीडिया के समक्ष साफ किया कि सरकार की ओर से बनाई गई इस विशेष कमेटी का मुख्य उद्देश्य छात्रों के साथ सीधी वार्ता करना नहीं, बल्कि पूरे छात्र आंदोलन की गतिविधियों पर लगातार और बारीकी से नजर बनाए रखना है। वित्त मंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रशासन ने अपनी मंशा और उठाए जा रहे कदमों से छात्रों को अवगत करा दिया है और कानूनी रूप से जो भी आवश्यक कार्रवाई है, वह की जा रही है। उन्होंने आंदोलन के व्यावहारिक समाधान का संकेत देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में कई बार संतुलन बनाने के लिए छात्रों को भी थोड़ा लचीला रुख अपनाना पड़ सकता है, तो वहीं सरकार भी कदम आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

वहीं, विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस विधायक अनूप सिंह (जयमंगल सिंह) ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए हैं। अनूप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि यदि जांच के सिलसिले में ‘सीएम हाउस’ में भी छापेमारी करने की जरूरत पड़ेगी, तो प्रशासन पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस गड़बड़ी में चाहे सरकार के अंदर के लोग शामिल हों या सरकार के बाहर के, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे