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राज्य को माइनिंग से माइंड की ओर ले जाने में उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री

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राज्य को माइनिंग से माइंड की ओर ले जाने में उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री


राज्य को माइनिंग से माइंड की ओर ले जाने में उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री


रांची, 13 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को और ज्यादा आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने को लेकर प्रतिबद्धता जतायी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभाग की ओर से संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों तथा घोषणाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (जीएससीसी) स्कीम के तहत उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए अबतक 2888 पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराए जाने पर विभाग की सहमति मिली है, जिसमें 243 छात्र-छात्राओं के बीच 64 करोड़ रुपये राशि का ऋण विभिन्न बैंकों से उपलब्ध कराया गया है। स्टूडेंट्स को उपलब्ध कराए जा रहे एजुकेश लोन के बदले बैंक को पूरी गारंटी राज्य सरकार दे रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत अधिक से अधिक पात्र स्टूडेंट्स को ऋण उपलब्ध कराएं ताकि पैसे और संसाधन के अभाव से कोई भी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल एविएशन विभाग से समन्वय स्थापित कर दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष कार्य योजना बनाएं। बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के अंदर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को कार्यरत करें। मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लाइव ऑनलाईन क्लास के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बीबीएमके धनबाद से यह पहल शुरू की जा रही है, इसकी पूर्ण तैयारी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने हायर एजुकेशन और रोजगारपरक कोचिंग के लिए 15 दिन के अंदर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी को पूर्ण रूप से कार्यरत करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श के बाद बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी यूनिवर्सिटी के रूप में अपग्रेड के लिए सहमति दी गई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी एजुकेशन ट्रांसफॉर्मेशन के तहत बीआईटी सिंदरी की संपूर्ण डिजिटल प्रजेंटेशन तैयार करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर चिन्हित जिलों में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर तैयार किए जाएं, विभागीय अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई की राज्य के 09 जिले पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज में तकनीकी कलेक्टर बनाए जाने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, जल्द इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और राजकीय प्रौद्योगिकी महाविद्यालयों को बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित कर वहां एनआईआईटी एवं आईआईटी के तर्ज पर इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल एवं सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की पढ़ाई प्रारंभ करें ताकि आने वाले समय में इन कोर्स माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शीघ्र उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अल्टरनेट वित्तीय स्रोतों को चिन्हित करते हुए उच्च शिक्षा में नियोजित करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने के अंदर अल्टरनेट फाइनेंसिंग सोर्सेस चिन्हित की जाएं।

बैठक में मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच विचार के बाद सहमति बनी कि झारखंड अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (जेयूपीएमआई) इंस्टिट्यूट अब उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग के अधीन होगा। इस इंफ्रास्ट्रक्चर में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से बैचलर ऑफ प्लानिंग, मास्टर आफ प्लानिंग, एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट कोर्स की पढ़ाई शुरू की जाएगी।

वहीं मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्तियों को भरने के लिए पोस्ट स्वीकृत करने का निर्देश दिया। वहीं छात्रावासों की स्थिति का आकलन व समीक्षा कर उसे पीपीटी मोड पर ले जाने की पहल करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, सीएम फैलोशिप, मानकी मुण्डा स्कॉलरशिप, राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना, बाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना, झारखंड राज्य उच्च शिक्षा अवार्ड स्कीम सहित विभाग की ओर से संचालित एवं भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार, अपर सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अंजलि यादव, अपर सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राजकुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे