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दावोस में झारखंड में निवेश के लिए चेंबर के पदाधिकारियों ने निवेश्कों को किया आमंत्रित

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दावोस में झारखंड में निवेश के लिए चेंबर के पदाधिकारियों ने निवेश्कों को किया आमंत्रित


रांची, 21 जनवरी (हि.स.)। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यपक्ष यूसुफ अली और नेशनल यूएस-इंडिया चेंबर ऑफ कॉमर्स की सीईओ पूर्णिमा वोरीया सहित कई प्रतिनिधियों से भेंट की।

इस मौके पर चेंबर के अधिकारियों ने झारखंड में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। वार्ता के क्रम में चेंबर की ओर से राज्य की औद्योगिक संभावनाओं से अवगत कराते हुए वैश्विक निवेशकों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित भी किया।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से दावोस स्थित झारखंड पवेलियन में क्रिटिकल मिनरल्स पर एक विशेष राउंड टेबल सत्र का आयोजन किया गया।

क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर पर जानकारियां की साझा

इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता झारखंड के वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने की। सत्र में वरुण रंजन सहित उद्योग, नीति और निवेश क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। जर्मनी से आये डॉ मार्टिन और डॉ डेनिस ने स्टेकहोल्डर्स के दृष्टिकोण पर महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी और क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर को लेकर बहुमूल्य जानकारियां साझा कीं।

इस सत्र में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और महासचिव भी उपस्थित रहे और चेंबर ने सक्रिय सहभागिता निभाई। चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड भारत के क्रिटिकल मिनरल्स इकोसिस्टम में एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। यहां वैल्यू एडिशन, आधुनिक तकनीक के उपयोग और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार खनन को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि राज्य सतत औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।

वहीं महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए उद्योग और सरकार के बीच संवाद, नीति में स्थिरता और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि झारखंड में यह वातावरण निरंतर सुदृढ़ हो रहा है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। बैठक और सत्र के दौरान झारखंड की खनिज क्षमता, क्रिटिकल मिनरल्स में निवेश अवसर, औद्योगिक विकास तथा सतत खनन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

यह जानकारी बुधवार काे चेंबर की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak