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डीजीपी से चेंबर ने की रंगदारी के मामलों में तेजी से कार्रवाई करने की मांग

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डीजीपी से चेंबर ने की रंगदारी के मामलों में तेजी से कार्रवाई करने की मांग


रांची, 07 अप्रैल (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व में मंगलवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा से मुलाकात की।

इस दौरान राज्य की विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से व्यापारियों को मिल रही रंगदारी की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई, साइबर धोखाधड़ी मामलों के शीघ्र उद्भेदन, गुमला में ट्रैफिक थाना की स्थापना, रामगढ़ में ट्रैफिक डीएसपी की नियुक्ति, हाई-रिस्क श्रेणी के व्यापारियों के साथ नियमित बैठक, होटल रिपोर्टिंग की ऑनलाइन व्यवस्था, एफआईआर प्रक्रिया को सरल बनाने एवं पुलिस-व्यापारी समन्वय को मजबूत करने जैसे मुद्दे उठाए।

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध : डीजीपी

डीजीपी ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और जरूरी कार्रवाई के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और व्यापारिक माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। झारखंड चेंबर के आग्रह पर उन्होंने जल्द ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की उपस्थिति में जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करने के लिए आश्वस्त किया। वहीं चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व डीजीपी के इस पूर्व के प्रयास के सकारात्मक परिणाम आये थे।

वहीं चेंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने यह प्रस्ताव रखा कि प्रत्येक जिले में चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ एक समन्वय समिति का गठन किया जाना चाहिए। थाना स्तर पर शांति समिति की तरह व्यवसायी समिति पूरे राज्य के व्यापारियों के लिए बने ताकि व्यापारी अपनी बात बेबाकी से रख सके। साथ ही शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरा लगे तो अपराधी जल्द ही पकड़े जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि हर थाने में एफआईआर रूम होना चाहिए और उसपर सीसीटीवी कैमरा हो जो वरीय पुलिस पदाधिकारी के नियंत्रण में रहे, ताकि आम आदमी के साथ पुलिस का व्यवहार देखा जा सके।

साहेबगंज के व्यापारी के साथ घटित साइबर क्राइम की घटना का उल्लेख करते हुए चेंबर महासचिव ने फास्ट ट्रैक आधार पर राशि की रिकवरी सुनिश्चित कराने का आग्रह किया। वहीं, सह सचिव नवजोत अलंग ने अपराधियों के सोशल मीडिया पेज को फ्रीज़ कराने का सुझाव दिया।

चर्चाओं के क्रम में शहर की यातायात व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने इसे लेकर ट्रैफिक एसपी के साथ चैंबर की बैठक कराने की बात कही।

कंबाइंड कंट्रोल रूम की योजना पर कार्य प्रगति पर

डीजीपी ने बताया कि कंबाइंड कंट्रोल रूम की योजना पर कार्य प्रगति पर है और सभी थानों को सीसीटीवी से जोड़ा जा रहा है। इससे उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी। साहेबगंज के एक व्यापारी के साथ हुई साइबर क्राइम की घटना के त्वरित उद्भेदन के लिए भी उन्होंने आश्वस्त किया। चेंबर अध्यक्ष ने शहर में रेसिडेंट वेलफेयर सोसाइटी को सशक्त करने, खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने और रांची में ट्रैफिक डायरेक्टोरेट की स्थापना का आग्रह किया। डीजीपी ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापारियों को सतर्क और जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि चेंबर के आग्रह पर पुलिस समय-समय पर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन करेगी। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शक्ति स्क्वॉड को जल्द ही नए सिरे से सक्रिय किया जा रहा है। अपराध के त्वरित अनुसंधान में सहयोग के लिए उन्होंने सभी व्यवसायियों से अपील किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों के अंदर और प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में रखें। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर साझा करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या थाना में दुर्व्यवहार की सूचना उन्हें तत्काल दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में चेंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, लॉ एंड आर्डर उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल और ट्रैफिक उप समिति के चेयरमैन मुकेश पांडे शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak