चेंबर ने बिजली विभाग को दी अधिक लंबे फीडरों को छोटा और संतुलित करने की सलाह
रांची, 07 मई (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेयूवीएनएल/जेबीवीएनएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के श्रीनिवासन के साथ राज्य की विद्युत व्यवस्था से पैदा हुई समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा की।
बैठक में झारखंड चेंबर की ओर से अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव रोहित अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, एनर्जी उप समिति के चेयरमैन बिनोद तुलस्यान और सदस्य अजय भंडारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान झारखंड चेंबर ने उद्योगों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को प्रभावित कर रही विद्युत आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया और विद्युत वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रतिनिधिमंडल ने बिजली बाधित होने के बाद मरम्मत कार्यों में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई।
विशेष क्विक रिएक्शन टीम गठित करने का सुझाव
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में जल्द समस्या समाधान के लिए विशेष क्विक रिएक्शन टीम गठित करने का सुझाव दिया गया। अत्यधिक लंबे फीडरों को छोटा और संतुलित करने की जरूरत पर बल दिया गया, जिससे बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन को कम किया जा सके।
तुपुदाना सब-स्टेशन के अंतर्गत एक ही फीडर पर अत्यधिक भार होने की समस्या को गंभीर बताते हुए उसका त्वरित पुनर्गठन करने की मांग की गई। ट्रांसफॉर्मर और एबी स्विच जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के नियमित निरीक्षण एवं प्रिवेंटिव मेंटेनेंस सिस्टम को मजबूत करने का सुझाव दिया गया। छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए पूरे सब-स्टेशन की लाइन बंद करने की वर्तमान व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए स्थानीय स्तर पर समाधान की व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई।
बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफॉर्मर और टूटने वाले कंडक्टर की पहचान के लिए व्यापक डेटा मैपिंग एवं सर्वे कराने का सुझाव दिया गया।
साथ ही अंडरग्राउंड केबलिंग परियोजनाओं के लिए विस्तृत मैपिंग और मार्किंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत बताया गया। भविष्य की परियोजनाओं में सेक्वेशियल कम्पलीशन मॉडल अपनाने की सलाह दी गई, ताकि एक फीडर को पूर्ण रूप से चालू करने के बाद ही दूसरे पर कार्य शुरू हो। अशोक नगर परियोजना को सफल मॉडल बताते हुए तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।
चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने विश्वास जताया कि जेवीवीएनएल प्रबंधन और विभागीय अधिकारी उद्योगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएंगे, जिससे राज्य में निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
झारखंड चेंबर के आग्रह पर सीएमडी ने हर माह की 17 तारीख को झारखंड चेंबर के साथ विभाग की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने की बात कही। यह भी निर्णय लिया गया कि विवादों के निपटारे के लिए डिस्पयुट रेड्रेसल कमिटी का गठन किया जायेगा। इसमें चेंबर की भी भागीदारी होगी।
बैठक में झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के अलावा लघु उद्योग भारती, जैसिया ओर एसिया, सीआईआई के पदाधिकारी भी शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

