home page

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने डिजिटल क्रिएटर्स को बताया एसआईआर का महत्व

 | 
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने डिजिटल क्रिएटर्स को बताया एसआईआर का महत्व


रांची, 27 जून (हि.स.)। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि सोशल मीडिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में मतदाताओं तक जागरूकता उपलब्ध कराने का एक प्रमुख साधन है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग अलग डिजिटल क्रिएटर के कंटेंट को अलग अलग ग्रुप के लोग देखते हैं और उनसे प्रभावित होकर उन्हें लाखों की संख्या में फॉलो करते हैं। सभी डिजिटल क्रिएटर्स का कर्तव्य है कि वे अपने फॉलोअर तक सही जानकारी पहुंचाएं जिससे उन्हें तथ्यों को जानने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

कुमार शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित स्टेट लेवल क्रिएटर्स मिट 2026 में ऑनलाइन और ऑफलाइन रूप से भाग लेने वाले डिजिटल क्रिएटर्स को राज्य में चल रहे एसआईआर के महत्वपूर्ण विषयों के बारे में पीपीटी के माध्यम से बिंदुवार जानकारी दी।

कुमार ने कहा कि 30 जून से 29 जुलाई तक जब बीएलओ मतदाता के घर–घर जाएंगे तो उन्हें आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की 2 प्रति दी जाएगी जिसे भरकर एक प्रति अपन बीएलओ को दे दें और दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास अवश्य रख लें। सभी मतदाता जो इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे उनका नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा।

कुमार ने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय मतदाताओं को किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं देने होंगे। इस अवसर पर जब बीएलओ आपके घर आये तो वैसे मतदाता जिनकी अभी भी विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हुई है वे बीएलओ को अपना विवरण बताकर मैपिंग करा लें। जिन मतदाताओं की मैपिंग हो जाएगी उन्हें सामान्यतः किसी प्रकार के अन्य दस्तावेज नहीं देने होंगे। केवल वैसे मतदाता जिनकी मैपिंग नहीं हो सकेगी उन्हें बीएलओ की ओर से ईआरओ स्तर पर नोटिस उपलब्ध कराए जाएंगे। इस नोटिस के जवाब में मतदाता आवश्यकतानुसार वांक्षित दस्तावेज अपने बीएलओ को समर्पित करेंगे जिसके उपरान्त उनका नाम मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भारत के संविधान के आर्टिकल 326 के बारे में विस्तृत जानकारी बताते हुए कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटेंगे और एक भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नहीं जुड़ेंगे इसे लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण के सभी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी उपस्थित और राज्य के सभी डिजिटल क्रिएटर से अनुरोध किया है कि वे अपना डिजिटल कंटेंट बनाते समय मतदाताओं को जागरूक करने और तथ्यों से अवगत कराने के लिए अवश्य जागरूकता वाले क्रिएटिव बनाएं। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जागरूकता से संबंधित वीडियो मतदाताओं के लिए उपलब्ध है डिजिटल क्रिएटर्स भी इन वीडियो एवं क्रिएटिव का इस्तेमाल मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अवश्य करें।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, स्टेट ट्रेनिंग नोडल ऑफिसर देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित राज्य के विभिन्न जिले से आए डिजिटल क्रिएटर उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे