जल संरक्षण पर जनप्रतिनिधियों को जल नेता बनने का आह्वान
रांची, 24 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी के कांके क्षेत्र में जल संकट की बढ़ती चुनौती को देखते हुए पीरामल फाउंडेशन और पंचायती राज विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रखंड कार्यालय कांके में शुक्रवार को जल संरक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
इस अवसर पर आयोजित सत्र में बीडीओ विजय कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों को ठोस कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने का आह्वान किया गया और सभी को जल नेता बनने की शपथ दिलाई। बीडीओ ने कहा कि पंचायत स्तर पर जल प्रबंधन को मजबूत बनाने और हर जनप्रतिनिधियों को इसके प्रति संवेदनशील करने के उदेश्य से ऐसे कार्यक्रम लाभप्रद साबित होते हैं। चर्चा में यह बातें भी उभरकर सामने आई कि न सिर्फ कांके बल्कि पूरे रांची क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा के बावजूद वर्षा जल का संरक्षण नहीं होने से गर्मियों में जल संकट गहराता है। प्रतिभागियों ने समूहों में चर्चा कर समाधान सुझाया और वर्षा जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मौके पर मनरेगा विशेषज्ञ सुनील शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की चुनौतियों और व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा की, जबकि प्रोग्राम मैनेजर मृत्युंजय ने झारखंड से जुड़े केस स्टडी साझा किया।
मौके पर ओरमांझी प्रखंड के टुंडावली पंचायत के आरा-केरम गांव के सफल मॉडल का उदाहरण भी प्रस्तुत किया गया। वहीं, जूनियर इंजीनियर शहजाद ने मनरेगा के तहत संचालित जल संरक्षण योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम मंज मुखिया, पंचायत सचिव सहित कई प्रतिनिधि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar

