राज्य सरकार को राजस्व से लेना देना नहीं, सिर्फ भर रही अपनी तिजोरी : आदित्य
हजारीबाग, 21 सितंबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एएममडीआर अधिनियम को लेकर झामुमो और कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है। विपक्षी पार्टियां इस कानून की गलत व्याख्या कर जनता को गुमराह कर रही है।
साहू ने सोमवार को हजारीबाग में प्रेस वार्ता में कहा कि देश के किसी भी राज्य में इस कानून को लेकर कहीं कोई विरोध नहीं है। यहां तक कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस पर आपत्ति नहीं है। लेकिन दुर्भाग्य है कि झारखंड में इसका विरोध किया जा रहा है। झारखंड सरकार को राज्य के कोष से कोई मतलब नहीं है। इन दलों को सिर्फ अपनी तिजोरी भरने से मतलब है।
झारखंड में इन दलों की काली कमाई बंद हो रही है, सेस के नाम पर मची लूट खसोट पर रोकथाम लग रही है, मोदी सरकार की ओर से इनकी दुकानदारी बंद हो रही है इसलिए विपक्षी पार्टियां छटपटा रही है। जिन पार्टियों की नींव में ही खरीद फरोख्त हो, उस दल से राज्य की बेहतरी की उम्मीद करना ही बेमानी है।
साहू ने कहा कि झारखंड में कोयले पर 450 रुपये और आयरन ओर पर 600 रुपए सेस लगाया गया है। पड़ोसी राज्यों में यह नहीं के बराबर है।
छत्तीसगढ़ में 22 रुपए प्रति टन सेस है। स्वाभाविक है, अब जहां कोयला सस्ते दर पर उपलब्ध होगा, कारोबारी वहीं से खरीददारी करेंगे। झारखंड के उद्योगपति भी पड़ोसी राज्यों से कोयला खरीद रहे हैं। इससे यहां के राजस्व की हानि हो रही है।
उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार का कहना है कि दूसरे राज्यों से जो सस्ते दर पर कोयला आ रहा है उस पर भी सरकार सेस लगाएगी। चोरी की कोयले की बिक्री बंद होने और अपनी काली कमाई बंद होने के कारण राज्य सरकार इस प्रकार का निर्णय लेना चाह रही है। झारखंड सरकार की इस सोच से समझा जा सकता है इस सरकार की मंशा क्या है।
साहू ने कहा कि धनबाद में सीआईएसएफ तैनात है। गृह मंत्री अमित शाह से हमने चतरा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, दुमका इलाके में भी सीआईएसएफ तैनात करने की मांग की थी।
आम्रपाली क्षेत्र में 200 सीआईएसफ को तैनात किया गया है। धीरे-धीरे पूरे राज्य में इसकी तैनाती की जाएगी। अवैध कोयले की लूट पर लगाम लगने का असर यह हुआ है कि डीओ धारकों की संख्या बीते एक महीने में 75 फ़ीसदी बढ़ गई है।
साहू ने कहा कि झारखंड में 06 वर्षों में मात्र चार खदानों की नीलामी की गई है, जबकि 34 खदानों को नीलाम करना था। इससे राजस्व की हानि हो रही है। ओडिशा को 87000 करोड़ का लाभ हुआ है। झारखंड में भी यदि सभी खदानें चालू होती तो इसका फायदा निश्चित रूप से राज्य को भी मिलता परंतु सरकार को तो अवैध कोयला बेचने से मतलब है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में डीएमएफटी फंड की बंदरबांट हुई है। इस फंड से अधिकारी स्विमिंग पूल और जिम बनवा रहे हैं। झारखंड में 19000 को डीएफएफटी फंड में जमा हुए हैं। केवल पश्चिमी सिंहभूम में 3700 करोड़ जमा हुए। इन पैसों का अगर राज्य सरकार विकास कार्यों में सदुपयोग की होती तो राज्य का आज कायाकल्प हो जाता। उन्होंने कहा कि अवैध खदानों में आज आए दिन लोगों के मरने की खबरें आती रहती हैं।
साहू ने कहा कि इस सरकार ने दो बार गुमराह करके राज्य की जनता को ठगकर सरकार में आई है।
एमएमडीआर पर भी यह सरकार गुमराह कर रही है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी इस सरकार के नापाक मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी और हमारी पार्टी प्रदेश से लेकर राज्य के हर गांव तक इनके झूठ को बेनकाब करेगी। जरूरत पड़ी तो हमारी पार्टी भी नाकेबंदी करेगी।
प्रेसवार्ता में बरही विधायक मनोज यादव, प्रदीप प्रसाद, अमित यादव, प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव, जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

