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राज्य में कानून-व्यवस्था बेपटरी, अपराधियों के हौसले बुलंद: भाजपा

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राज्य में कानून-व्यवस्था बेपटरी, अपराधियों के हौसले बुलंद: भाजपा


रांची, 21 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केके गुप्ता ने झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों में पुलिस-प्रशासन का भय समाप्त होता जा रहा है। राज्य की कानून-व्यवस्था बेपटरी हो गई है। अपराधियों के हौसले बुलंद हो गये हैं।

शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हत्या, गोलीबारी, दुष्कर्म, चोरी, लूट, रंगदारी और भूमि विवाद से जुड़ी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई है।

केके गुप्ता ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि खूंटी में फादर पर हुए जानलेवा हमले, चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर मुंबई-शालीमार ट्रेन के शौचालय में गमछे में लिपटा शव मिलने और जमशेदपुर में गोलीबारी की घटनाएं राज्य में आम लोगों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ा रही हैं। उनके मुताबिक, लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी तैयारियों पर सवाल खड़े करती हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने वर्ष 2020 से 2026 के बीच राज्य में हत्या के 9,213, दुष्कर्म के 10,113, अपहरण के 11,000 और चोरी के 60,000 मामलों का दावा किया। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के साथ दहेज उत्पीड़न, अवैध खनन, भूमि माफियाओं की गतिविधियों और रंगदारी जैसी घटनाओं को भी गंभीरता से देखने की जरूरत है। हालांकि इन आंकड़ों के स्रोत का विवरण उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया।

केके गुप्ता ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक तंत्र अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध, नशे के कारोबार और व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने जैसी गतिविधियों से आम नागरिकों में भय का माहौल बन रहा है। उनका दावा है कि अपराध की दुनिया में सक्रिय कुछ युवा इसे कमाई और प्रभाव बढ़ाने का जरिया मानने लगे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस समय अपराधियों में कानून का अधिक भय था। उन्होंने हेमंत सरकार से कानून-व्यवस्था मजबूत करने, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल कायम करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस की जवाबदेही तय करने और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की जरूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे