जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थियों को भटकाना बंद करे भाजपा : वामदल
रांची, 09 अगस्त (हि.स.)।
राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी के अभ्यर्थियों और छात्रों के चल रहे आंदोलन के साथ वामदलों ने अपनी एकजुटता को दोहराया है। वामदलों ने कहा है कि भाजपा का नेतृत्व छात्र आंदोलन को भटकाने की साजिश में लगा हुआ है। जबकि मुख्यमंत्री की ओर से गठित चार मंत्रियों के समुह से आंदोलनकारियों की सकारात्मक वार्ता चल रही है, उसी समय भाजपा के नेता आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच जाकर उनके बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
वामदलों ने रविवार को संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि झारखंड में राज्य सरकार ने छात्रों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाने से भाजपा बौखला गयी है और वह नहीं चाहती है कि प्रतियोगिता परीक्षाओं में पिछली सभी सरकारों की करतूतें सामने आए। इसमें भाजपा - आजसू की संलिप्तता भी सामने आएगी।
जेपीएससी के निवृतमान अध्यक्ष की गिरफ्तारी वर्तमान अध्यक्ष का इस्तीफा और उनसे लंबी पूछ-ताछ एवं सीआईडी की जेपीएससी से जूड़े कई लोगों की गिरफ्तारी इस बात को रेखांकित करता है की राज्य सरकार ने जांच के प्रति गंभीरता दिखायी है।
वामदलों ने कहा है कि सीबीआई जांच की मांग मामले को लटकाने का षडयंत्र है, क्योंकि पहली और दूसरी जेपीएससी में हुई घांधली की जांच में सीबीआई ने जान बूझकर काफी विलंब किया। साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रतियोगी परीक्षाओं के मामले को जान बूझकर नहीं ले जाने की जिम्मेवार भी सीबीआई ही है।
वामदल शुरू से राज्य सरकार से मांग करते आ रहे हैं कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से बातचीत कर समस्या का हल निकाला जाए। यदि अभ्यर्थियों की ओर से न्यायिक जांच की मांग की जाती है तब राज्य सरकार को इस दिशा में भी सकारात्मक निर्णय के लिए तैयारी रखनी चाहिए। वामदल भाजपा की भूमिका की भर्त्सना करती है कि वह मामले का निदान किए जाने के बजाय अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
वामदल राज्य सरकार के इस कदम से असहमति व्यक्त करते हैं कि मंत्रियों के समुह की ओर से प्रतियोगिता परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के अलावा जेएलकेएम, एनएसयूआई और आदिवासी छात्र संघ से बातचीत की जा रही है तब वाम छात्र संगठनों को वार्ता के लिए क्यों नहीं बुलाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak

