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विपक्ष, निवेश प्रक्रिया पर भ्रम फैला रही : विनोद पांडेय

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विपक्ष, निवेश प्रक्रिया पर भ्रम फैला रही : विनोद पांडेय


रांची, 13 जुलाई (हि.स.)।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि विपक्ष की ओर से राज्य सरकार की निवेश नीति पर लगाए गए आरोप तथ्यों से परे और राजनीतिक हताशा का परिणाम है।

विपक्ष निवेश प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है, जबकि लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) और एमओयू निवेश प्रक्रिया के दो अलग-अलग चरण हैं। पांडेय ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फरवरी 2026 के दावोस और यूके दौरे के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने झारखंड में निवेश की इच्छा जताते हुए एलओआई सौंपे थे। इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर 08 और 09 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श-2026 के दौरान संबंधित कंपनियों के साथ औपचारिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जो निवेश प्रक्रिया का अगला चरण है।

उन्होंने कहा कि अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, वैधानिक स्वीकृतियां, भूमि आवंटन और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निवेश धरातल पर उतरेगा। भाजपा की ओर से इसे री-पैकेजिंग बताना निवेश प्रक्रिया की समझ के अभाव को दर्शाता है। जिंदल न्यूक्लियर पावर परियोजना पर उठाए गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत सरकार की नीति के अनुरूप कार्य कर रही है। पांडेय ने दावा किया कि प्रस्तावित निवेश से 70 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे एवं झारखंड औद्योगिक विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar